- सिसाना गांव में टैक्टर की टक्कर लगने व बडागांव में अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई मौत
- खेकड़ा के युवक की 28 नवंबर को थी शादी, दीपावली व शादी की खुशियां मातम में बदली
जनवाणी संवाददाता |
बागपत/खेकड़ा: क्षेत्र में शनिवार को अलग-अलग सड़क दुर्घटना में दो बाइक सवारों की मौत हो गयी। एक बाइक सवार की बागपत के सिसाना गांव में टैक्टर की टक्कर लगने से हुई तो दूसरी बड़ागांव मार्ग पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से एक युवक की मौत हो गई। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए है। इतना ही नहीं खेकड़ा के युवक की 28 नवंबर को शादी थी और उसकी मौत से दीपावली व शादी की खुशियां मातम में बदल गयी।
बड़ौत के आवास विकास कालोनी निवासी रोहित पुत्र ओमपाल किसी कार्य से गजरौला में गया था। वह बाइक से ही शनिवार को वापस अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह सिसाना गांव के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने उसको टक्कर मार दी, जिससे बाइक में आग लग गयी।
बाइक में आग लगते ही वह कूद गया और सड़क पर गिरने से उसकी मौके पर मौत हो गयी। बाइक सड़क पर ही धूं-धूंकर जलती रही। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
वहीं खेकड़ा निवासी सतीश के पुत्र मनीष की 28 नवंबर को शादी थी। इसके साथ ही उसकी बेटी की 27 नवंबर की भाई देवेंद्र के बेटे बंटी की 30 नवंबर की शादी थी। जिसको लेकर घर में तैयारियां चल रही थी। इसके साथ पूरे घर में दीपावली व शादी को लेकर खुशी का माहौल छाया हुआ।
दीपावली को मनीष 22 वर्ष व उसके पिता सतीश शादी के कार्डो का वितरण कर वापिस लौट रहे थे। वहां से लौटते समय बड़ागांव के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से वह सड़क किनारे लगे ब्लेड के तारों में उलझ गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई व शरीर भी बुरी तरह कट गया।
जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके पिता भी गमबीर रूप से घायल हो गए। घायल पिता को दिल्ली ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। जबकि मृतक के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। युवक की मौत की खबर सुनते ही घर में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। घर में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। देर शाम मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मृतक मनीष था इकलौता पुत्र
मृतक मनीष अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें थे जिनमें एक कि शादी पहले हो चुकी है। जबकि 28 नवम्बर को उसकी व 27 नवंबर एक बहन की शादी हाल ही होनी थी। जिसको लेकर खूब जोर शोर से तैयारिया चल रही थी। लेकिन दीपावली के दीप जलने से पहले घर का चिराग बुझ गया। जिससे घर मातम छा गया।

