- केन्द्रीय गृह सचिव ने की कोरोना के नियंत्रण की समीक्षा, कंटेनमेंट जोन में करें प्रभावी ढंग से मॉनिटरिंग
- 30 सितम्बर तक एक करोड़ टेस्ट कोरोना के संबंध में हो जायेंगे
- आयुक्त ने प्रस्तुत की मंडल की कोरोना नियंत्रण संबंधी प्रगति
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए एनसीआर क्षेत्र में प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। गृह सचिव, भारत सरकार अजय कुमार भल्ला ने एनसीआर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आहुत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुये और अधिक सजगता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने आमजन को मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग करने, नियमित अंतराल पर हाथ धोने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
गृह सचिव भारत सरकार अजय कुमार भल्ला ने कहा कि सभी प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों व पैरामेडिकल स्टाफ ने कोरोना महामारी के नियंत्रण में लगन व निष्ठा से कार्य किया हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों से निकलने वाले बॉयोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की भी समुचित व्यवस्था करायी जाये। स्वास्थ्य सचिव भारत सरकार राजेश भूषण ने आईसीएमआर के संपर्क में रहने व कंटेनमेंट जोन में प्रभावी ढंग से मॉनिटरिंग करने के लिए कहा। मास्क न पहनने पर दिल्ली मैट्रो में 2300 चालान किये गये हैं।
वहीं, नीति आयोग के सदस्य डा. वीके पॉल ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में और अधिक सजगता से कार्य करें। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा कि आगामी 30 सितम्बर तक एक करोड़ टेस्ट कोरोना महामारी के संबंध में हो जायेंगे। आगामी त्योहारी सीजन के दृष्टिगत सजगता से कार्य किया जा रहा है।
करीब पांच हजार से ज्यादा लाउडस्पीकर के माध्यम से आमजन को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रदेश में करीब 20 हजार कंटेनमेंट जोन है, जिसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने बताया कि मंडल के चार जिलों मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर व बागपत में सितम्बर के प्रथम सप्ताह से केस बढ़ना प्रकाश में आया है। अब तक मंडल में कोरोना महामारी के संदर्भ में हुये टेस्ट में से 60 प्रतिशत एंटीजन व 40 प्रतिशत आरटीपीसीआर है।
मंडल के मेरठ, गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर में आरटीपीसीआर लैब स्थापित है। मंडल में सर्विलांस को बढ़ाया गया है। प्राइवेट अस्पतालों के बाहर मोबाइल वैन से टेस्टिंग करायी जा रही है तथा नगरीय निगरानी समिति भी कार्य कर रही है, एम्बुलेंस व आक्सीजन भी पर्याप्त है, होम आइसोलेशन में रखे व्यक्तियों से नियमित संपर्क किया जा रहा है तथा इंटीग्रेटेड कोविड एंड कमांड सेंटर भी मंडल के प्रत्येक जनपद में प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं।
पेंशनधारकों का पूछें हाल, टेस्टिंग कराएं
बचत भवन में कोरोना महामारी नियंत्रण के संदर्भ में आयोजित बैठक में डीएम के. बालाजी ने कहा कि जनपद के सभी वृद्धावस्था पेंशन पा रहे करीब 28 हजार पेंशनरों से संपर्क स्थापित किया जाये व उनका हाल जाना जाये तथा अगर आवश्यकता है तो जांच के लिए उनके सैम्पल भी लिये जाये।
उन्होंने कांट्रेक्ट ट्रेसिंग को ठीक प्रकार से करने व पोर्टल पर डाटा को समय से अपलोड करने के लिए निर्देशित किया। डीएम के. बालाजी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि मरीज कम से कम समय में अस्पताल में भर्ती हो यह सुनिश्चित किया जाये, प्राइवेट अस्पताल प्रतिदिन संदिग्ध मरीजो की सूचना दें यह सुनिश्चित किया जाये तथा मृत्युदर में कमी लायी जाये। रेपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) के निरंतर संपर्क में रहा जाये।
कंटेनमेंट जोन में घर-घर सर्वे अभियान में एक्टिव केस सर्च को 48 घंटे में चिह्नित किया जाये। डीएम ने कहा कि इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों से प्रतिदिन वार्ता की जाये तथा अगर आवश्यकता है तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाये।
अगर कांट्रेक्ट ट्रेसिंग में अगर कहीं गैप है तो उसको पूरी प्लॉनिंग व तत्परता से पूरा किया जाये। मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बताया कि जनपद में करीब 28 हजार वृद्धावस्था पेंशन धारक है, जिसमें से करीब 11 हजार शहरी क्षेत्र में व 17 हजार ग्रामीण क्षेत्र में है।
इस अवसर पर अपर डीएम नगर अजय तिवारी, वित्त सुभाष चन्द्र प्रजापति, सीएमओ डा. राजकुमार, सिटी मजिस्ट्रेट एसके सिंह, एसीएम सुनीता सिंह, संदीप श्रीवास्तव, बीएसए सत्येन्द्र कुमार ढ़ाका, एसीएमओ डा. पूजा शर्मा, कंट्रोल रूम प्रभारी डा. सुधीर कुमार सहित अन्य अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

