जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: विधानसभा में शुक्रवार को एक बार फिर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वेल में आकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के हस्तक्षेप के बाद सपा के उत्तेजित सदस्य अपने आसन पर गए। शून्य प्रहर में सपा के वरिष्ठ सदस्य शिवपाल यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सपा सदस्य शिवपाल यादव के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सपा के सदस्य शिवपाल यादव ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं। जिला चिकित्सालयों में न तो डॉक्टर हैं, न ही दवाएं है। कोरोना काल में जो वेंटीलेटर खरीदे गए थे, वे भी खराब पड़े हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मैंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री छापामार मंत्री बनकर रह गए है। उपमुख्यमंत्री जो कि स्वास्थ्य मंत्री भी है, का अपने अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंनेे भाजपा सदस्यों को सीख दी कि उन्हें अटल बिहारी बाजपेयी और दीनदयाल उपाध्याय के व्यवहार और आचरण का अनुसरण करना चाहिए।
जवाब में उपमुख्यमंत्री बजेश पाठक ने कहा कि सपा के कार्यकाल में मेडिकल कालेज पर दलालों का जमावड़ा रहता था, उनके स्वास्थ्यमंत्री के जेल जाने की नौबत आ गई थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं को घेरते हुए कहा कि लाल टोपीवाले नकली समाजवादी हैं और कानून को तोड़कर अराजकता फैलाना इनका काम है।
उपमुख्यमंत्री के इतना कहते ही सपा सदस्य शिवपाल यादव समेत सपा के सभी सदस्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। बाद में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के आश्वासन पर सपा सदस्य अपनी सीटों पर गए। सपा सदस्यों के हंगामें पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि समाजवादियों में सच्चाई सुनने की हिम्मत नहीं है।
सपा सरकार में स्वास्थ्य विभाग में बड़े घोटाले हुए। नर्सों की भर्ती में धांधली हुई। डॉक्टरों से मिलीभगत कर उन्हें ड्यूटी पर न भेजने के लिए वसूली की जाती थी। हमने 5000 ऑपरेशन निशुल्क किए हैं। 1.7 लाख मरीजों का सरकारी अस्पतालों में इलाज किया गया है। भारत सरकार की एंबुलेंस सेवा को इन्होंने समाजवादी एंबुलेंस सेवा बना दिया गया था। समाजवाद से इनका कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा के वरिष्ठ सदस्य ने जैसा कहा है वैसा उन्हें सुनना भी पडेगा।
बसपा के उमाशंकर सिंह तथा सपा के लालजी वर्मा ने उठाया कानून व्यवस्था का मुद्दा
शून्य प्रहर में बसपा के वरिष्ठ सदस्य उमाशंकर सिंह तथा सपा के सदस्य लालजी वर्मा ने दो घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था का सवाल उठाया। बसपा के उमाशंकर सिंह ने उन्नाव के असोहा थाने में एक युवती की गला रेतकर हत्या किए जाने और आरोपियों पर कार्रवाई न होने का मामला उठाया। सपा के लालजी वर्मा ने अपने क्षेत्र की घटना का जिक्र करते हुए घटना में आरोपियों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने का मामला उठाया।
जवाब में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि वर्तमान सरकार की सबसे बडी उपलब्धि कानून व्यवस्था है। जिसके चलते प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी को दुबारा सरकार बनाने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा न किसी को बचाने की न ही किसी निर्दोष को फंसाने की है। उन्होने कहा कि एनसीआरबी के रिकार्ड को भी देखे तो पता चलता है कि प्रदेश में आपराधिक घटनाओं का ग्राफ गिरा है।
बसपा के सदस्य उमाशंकर सिंह ने उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र की जिस घटना का उल्लेख किया उसमें आरोपी को बारह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसी तरह संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सपा सदस्य लालजी वर्मा की घटना के बारे में कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गयी है।

