केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और विधायक रहे मौजूद
कुंभ में आने वाले श्रद्धालु गाइडलाइन का करें पालन: सीएम तीरथ सिंह
जनवाणी संवाददाता |
हरिद्वार: प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शनिवार को हरिद्वार दौरे पर रहे। सबसे पहले मुख्यमंत्री हर की पौड़ी पहुंचे जहां उन्होंने गंगा पूजन किया। उसके बाद मुख्यमंत्री मीडिया सेंटर पहुंचे और 120 करोड़ 23 लाख रुपए की 36 योजनाओं का लोकार्पण किया।
इसके बाद मीडिया सेंटर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री और हरिद्वार सांसद डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठौड़ और राज्यमंत्री स्वामी यतिस्वरानंद सहित मेला अधिकारी दीपक रावत, मेला आईजी संजय गुंज्याल के अलावा मेला प्रशासन के अधिकारी और बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कुंभ मेला प्रारंभ हो गया है मेले का पहला शाही स्नान सकुशल संपन्न हो गया है, दूसरा, तीसरा और चौथा शाही स्नान अप्रैल महीने में आयोजित होंगे, पहले शाही स्नान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करवाई और स्वयं पहुंचकर संतों का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा की कुंभ पूरे विश्व की धरोहर है और यह 12 साल में एक बार आता है। भारत सरकार द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइन को हर हाल में पूरा करना होगा उन्होंने कहा कि कुंभ पर हमारा पूरा फोकस है। इसे भव्य और दिव्य बनाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। यहां किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी।

अखाड़ा परिषदों से लेकर श्रद्धालुओं को कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुपालन के बारे में बताया गया है। कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालु भारत सरकार की गाइड लाइन का पालन करें, मास्क लगाएं सैनिटाइजर का प्रयोग करें और सुरक्षित स्नान करके अपने घर वापस जाएं, कुंभ मेले को दिव्य और भव्य आयोजित कराने के लिए कई योजनाओं का लोकार्पण किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले शाही स्नान के बाद अखाड़ा परिषद के साधु संत खुश नजर आ रहे हैं और व्यापारी भी खुश हैं, पहले जो वातावरण बन गया था कि आप हरिद्वार नहीं आ सकते हैं और तरह-तरह की पाबंदी लगा दी थी, अब वातावरण पूरी तरह से बदल गया है बे-रोकटोक कुम्भ में आए और स्नान करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बने विकास प्राधिकरण के अस्तित्व को हमारी सरकार ने खत्म कर दिया है। हमारी सरकार ने कोविड-19 के दौरान काम करने वालों पर लगे मुकदमों को वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहाड़ में रेल का सपना पूरा कर दिया है। पहले लोग सड़क की मांग करते थे आज ट्रेन की बात हो रही है। उनके नेतृत्व में ही यह बदलाव संभव हो पाया है आने वाले दिनों में यहां रोजगार की भी कोई कमी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीणों का उत्पीड़न किया जा रहा था। इसको लेकर हर रोज कई शिकायतें सामने आ रही थी। कोई मकान या फिर कुछ और निर्माण करता है तो प्राधिकरण के लोग उत्पीड़न को पहुंच जाते थे। इसके बाद लोगों की कोई सुनवाई नही होती थी ऐसे में इसे समाप्त करना ही उचित फैसला था।
सीएम तीरथ ने मंच से अपने उद्बोधन में कहा कि हरिद्वार के भोगपुर गांव में उनका एक मित्र रहता है। उसने भी उन्हें शिकायत की थी कि वह गांव में अपना घर बनाना चाहता है। लेकिन, जैसे ही काम शुरू करता है।
प्राधिकरण के लोग पहुंच जाते हैं। उल्टी-सीधी मांग करते हैं। कागज मांगते हैं, लेकिन काम शुरू होने नहीं देते। ग्रामीण लोगों की समस्याओं की दिक्कतों को धयान में रख मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद उन्होंने प्राधिकरण को लेकर बैठक बुलाई और फैसला लिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राधिकरण को समाप्त किया जाए।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, राज्यमंत्री स्वामी यतीस्वरानंद, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठोर, आयुक्त गढ़वाल मंडल रविनाथ रमन समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम के अनुभव का लाभ कुंभ मेला संपन्न करने में मिलेगा: डॉ. निशंक

इस मौके पर पहुंचे केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि कोरोना काल मे मेले को लेकर बहुत ही सुंदर और अच्छी व्यवस्था की गई है। कोरोना काल में हमने नीट जैसी बड़ी परीक्षाएं कराई हैं, सभी लोग जागरूक हैं और उन्हें उम्मीद है कि अनुशासन का पालन करते हुए सब मिलकर अच्छे से कुंभ मेले को संपन्न करवाएंगे, उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की तारीफ करते हुए कहा कि तीरथ सिंह रावत को एक लंबा अनुभव है जिसका लाभ दिव्य और भव्य कुंभ मेला संपन्न करने में मिलेगा।
लोकार्पण से पूर्व डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने पत्रकारो से बातचीत करते हुए कहा कि 2010 ओर 2021 के कुम्भ की तुलना नही की जा सकती। क्योंकि, 2010 का समय सामान्य काल था जबकि आज 2021 का समय कोविड संक्रमण काल है। उन्होंने कहा कि आज इन विषम परिस्थितियों में भी बहुत अच्छी व्यवस्थाओं के साथ कुम्भ का आयोजन किया जा रहा है। उन्हें विश्वास है कि तीरथ सिंह जिन्हें एक लंबा अनुभव है वे एक सफल कुम्भ का आयोजन कराएंगे।

