Saturday, December 4, 2021
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विषय वस्तु को रटें नहीं, समझेंं 

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परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना सभी स्टूडेंट्स के जीवन का सपना होता है। लेकिन सच पूछिये तो अच्छे अंक की प्राप्ति के सपने को साकार करने का रास्ता सपने देखने जैसा आसान नहीं होता है। इस मंजिल तक पहुंचने का रास्ता कठिन मेहनत, त्याग और कठिनाइयों से भरा होता है।

यदि आप भी अपने जीवन में ऊंचे मार्क्स के परसेंट और उत्कृष्ट ग्रेड के साथ सफल होने का सपना देख रहे हैं तो इसको साकार करने के लिए आपको निम्नांकित बातों को अनिवार्य रूप से अपने जीवन में अपनानी होगी…

सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करिए

हर व्यक्ति का अपने जीवन का एक लक्ष्य होता है जो जहाज के उस रौशनी जैसा काम करता है जो उसे रास्ता दिखाता है। मानव जीवन में लक्ष्य का महत्व भी उसी तरह से महत्वपूर्ण है। इसीलिए प्रत्येक स्टूडेंट को यह जरूर फिक्स कर लेना चाहिए कि उसके जीवन का टारगेट क्या है, वह अपने जीवन में क्या पाना चाहता है, वह एग्जामिनेशन में कितने परसेंट मार्क्स प्राप्त करना चाहता है। इस प्रकार अपने जीवन का उद्देश्य फिक्स कर लेने से परीक्षा की तैयारी करने में मन भटकता नहीं है और कठिन परिश्रम करने की तीव्रता और रूचि बनी रहती है।

परीक्षा के विषयों के सिलेबस की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए 

परीक्षा में सिलेबस रोडमैप जैसा महत्वपूर्ण काम करता है। प्रत्येक सब्जेक्ट का अपना सिलेबस होता है, जिससे परीक्षा में प्रश्न पूछे जाते हैं। इसीलिए अपना टारगेट फिक्स कर लेने के बाद दूसरा स्टेप एग्जामिनेशन के सभी सब्जेक्ट्स के सिलेबस को अच्छी तरह से जानना होता है। इससे आपको यह पता लगेगा कि आपको कितना पढ़ना है और इसके लिए कितनी मेहनत की जरूरत है।

नियमित अभ्यास से ही सफलता हाथ लगेगी  

सामान्य रूप से कुछ स्टूडेंट्स नियमित रूप से नहीं पढ़ते हैं। उपलब्ध समय के अनुसार नियमित रूप से पढ़ना सेल्फ-स्टडी भी कहलाता है। निरंतर अभ्यास से हम पूर्ण बन जाते हैं और यही बात पढ़ाई में भी लागू होती है। इसके लिए रोज दिन पढ़ने की आदत डालनी जरूरी है। इस तरह के रेगुलर स्टडी से सिलेबस को कवर करना भी आसान हो जाता है। सेल्फ स्टडी से हम अपनी कमियों को सुधार सकते हैं। इसके  माध्यम से हम किसी भी सब्जेक्ट पर मास्टरी हासिल कर सकते हैं।

विषय वस्तु को रटें नहीं, समझने की कोशिश करें 

सब्जेक्ट मैटर्स को समझने की बजाय उसे रटने की कोशिश करना सब्जेक्ट्स की तैयारी का शोर्ट-कट विधि है। क्योंकि इस तरह से रट कर याद की हुई चीजें कुछ देर के लिए ही हमारे मस्तिष्क में रह पाती हैं। इसीलिए चीजों को स्थायी रूप से याद रखने के लिए उसे समझना जरूरी होता है। विषय वस्तु को बिना समझे हुए परीक्षा की तैयारी अधूरी तैयारी है जो समय पर हमारे काम नहीं आ सकती है।

पढ़ने के साथ-साथ लिखने का भी अभ्यास करें  

पढ़ने के साथ-साथ लिखने की कला के द्वारा हम किसी भी टॉपिक्स को बड़ी आसानी से समझ सकते हैं और अपने दिमाग में स्थायी रूप से बिठा भी सकते हैं। इसके कारण लिखने की क्षमता का भी विकास होता है। इसलिए जब भी पढ़ने बैठें तो अपने पास लिखने के लिए नोटबुक और पेन जरूर रखें। पढ़ने के साथ मेन पॉइंट्स को नोट करते रहने से पचास प्रतिशत टॉपिक्स वैसे ही हमारे मस्तिष्क में स्थायी रूप से बैठ जाती है।

अपने सब्जेक्ट्स को जानें, प्राथमिकता निर्धारित करें और प्लान करें 

जब हम प्लान की बात करते हैं तो इसका अर्थ परीक्षा की तैयारी के लिए प्रत्येक सब्जेक्ट को पढ़ने के लिए उपलब्ध समय को बांटना होता है। परीक्षा के लिए प्लान बनाना कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे हमारे लिए कौन-सा सब्जेक्ट्स डिफिकल्ट है और कौन-सा आसान। प्लान करते समय हम डिफिकल्ट सब्जेक्ट्स की तैयारी के लिए अधिक टाइम दे सकते हैं, जबकि आसान विषयों के लिए कम समय देने में टाइम का मैनेजमेंट अच्छी तरह से हो पाता है।

प्रत्येक सब्जेक्ट का नोट बुक अवश्य तैयार करें 

परीक्षा की अच्छी तैयारी के लिए सभी विषयों के नोट बुक बनाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि परीक्षा के समय यह सब्जेक्ट मैटर्स को रिवाइज करने में काफी हेल्प करता है। प्रत्येक सब्जेक्ट के नोट बुक में उस सब्जेक्ट के सभी चैप्टर्स के सारे कॉन्सेप्ट्स, फॉर्मूले, फिगर्स, फैक्ट्स, चैप्टर के लास्ट में दिए गए एक्सरसाइज के क्वेश्चन-आंसर साफ-साफ लिखे होने चाहिए। कोशिश यह भी होनी चाहिए कि नोट बुक में ओवरराइटिंग और गलतियां कम-से-कम हों।

टाइम टेबल अवश्य बनाएं 

जब हम टाइम टेबल के अनुसार स्टडी करते हैं तो इसके कारण टाइम की बर्बादी नहीं होती है। हमें यह पता होता है कि किस समय में हमें क्या पढ़ना है, क्योंकि जब हम बिना टाइम टेबल के स्टडी करने बैठते हैं तो कई बार हम खुद यह डिसाइड नहीं कर पाते हैं कि उस समय में हमें कौन-सा सब्जेक्ट पढ़ना है, लेकिन टाइम-टेबल बनाने के लिए हमें बड़ी सावधानी से सोचना होगा कि हमारे पास स्टडी के लिए कितना टाइम अवेलेबल है और किस सब्जेक्ट के लिए अधिक और किस सब्जेक्ट के लिए कम समय देना है।

दोस्तों के साथ बिताए गए समय का ध्यान रखें 

मानव एक सामाजिक प्राणी है और वह न तो समाज के बिना रह सकता है और न ही दोस्त के बिना। लेकिन दोस्तों के साथ बातें करने में कितना समय, कब और कैसे गुजर जाता है यह पता ही नहीं लगता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें दोस्तों के साथ टाइम ही नहीं बिताना चाहिए। एक सच्चा दोस्त कई तरह से हमारी मदद करता है। किंतु जब भी दोस्तों के साथ बैठे हों और बातें कर रहे हों तो हमें समय का जरुर ध्यान रखना चाहिए ताकि टाइम टेबल के अनुसार सेल्फ-स्टडी का रूटीन डिस्टर्ब नहीं हो पाए।

अंत में सबसे अधिक महत्वपूर्ण-परीक्षा के दिन क्या करें? 

परीक्षा का दिन किसी भी स्टूडेंट के लिए काफी डर और घबराहट का होता है। खुद को परीक्षा के डर, तनाव और संदेहों से बचा कर रखने के लिए और अपना परफॉरमेंस अच्छा करने के लिए इस दिन हमें निम्न बातों पर अवश्य ध्यान देना चाहिए-

  • -डरें नहीं और धैर्य रखें। खुद पर आत्मविश्वास रखें और यह मानकर चलें कि सब कुछ अच्छा होगा।
  • -इस दिन प्राय: स्टूडेंट परीक्षा के डर के कारण नाश्ता नहीं करते है। यह उचित नहीं है। नाश्ता अवश्य करें।
  • -परीक्षा के लिए अपने घर से समय से पूर्व चलें ताकि व्यस्त ट्रैफिक में आपका टाइम खराब न हो।
  • -सुनिश्चित कर लें कि आपने अपने साथ एडमिट कार्ड या हॉल टिकट रख लिया है। इसके अतिरिक्त अच्छी क्वालिटी के दो-तीन पेन, पेंसिल, इरेजर, स्केल जरूर रखें।
  • -अपने साथ मोबाइल, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच और अन्य डिजिटल इक्विपमेंट्स कभी भी साथ नहीं रखें, ये सारे उपकरण एग्जामिनेशन हॉल में अलाउड नहीं होते हैं।
  • -परीक्षा हॉल में परीक्षा के शुरू होने का इंतजार करते समय गहरी सांस लें। इससे आपको कोई घबराहट नहीं होगी।
  • -परीक्षा हॉल में कॉपी या स्क्रिप्ट मिलने के बाद फ्रंट पेज पर आवश्यक इनफार्मेशन को सावधानी से भरें।
  • -आंसर शीट और क्वेश्चन पेपर पर लिखे गए सभी निर्देशों को सावधानी से पढ़ें और उसके अनुसार कार्य करें।
  • -प्रश्नों को सावधानी से पढ़ें और तभी उसके आंसर लिखें।
  • -कठिन प्रश्नों पर समय बर्बाद नहीं करें। वैसे प्रश्नों के उत्तर लास्ट में दें।

 

 (लेखक जवाहर नवोदय विद्यालय, नामित, मिजोरम में प्रिंसिपल हैं)

 


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