Sunday, May 17, 2026
- Advertisement -

…जब चौधरी अजित सिंह का रोक दिया था ‘विजयी रथ’

  • पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी अजित सिंह को दो बार बागपत लोकसभा सीट से मिली थी हार
  • वर्ष 1998 में भाजपा के सोमपाल से मिली थी अप्रत्याशित हार, सकते में आ गई थी जनता

अमित पंवार |

बागपत: जिस सीट पर चौधरी परिवार का विजयी रथ दौड़ रहा था और जनता भी अपार स्नेह और समर्थन दे रही थी वहां अचानक परिणाम बदला और अप्रत्याशित हार का सामना चौधरी अजित सिंह को करना पड़ा। चौधरी परिवार ने भी कभी नहीं सोचा था कि यहां अचानक से भाजपा का कमल खिल जाएगा और सोमपाल शास्त्री भाजपा की ओर से आकर उन्हें हरा देंगे। यहां बात हो रही है वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव की। इस चुनाव में चौधरी अजित सिंह को भाजपा के सोमपाल शास्त्री से हार का सामना करना पड़ा था। जनता भी इस सकते में आ गई थी। इतना ही नहीं उनके समर्थकों की आंखों में आंसुओं का सैलाब तक निकला था। अगले ही चुनाव में जनता ने चौधरी परिवार से सभी गिले-सिकवे भुलाकर फिर से जीत की कुर्सी पर चौधरी अजित सिंह को बैठाया। वर्ष 1998 के चुनाव में भाजपा को जीत मिलने पर सोमपाल शास्त्री को केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री बनाकर तोहफा भी दिया था।

बागपत लोकसभा सीट चौधरी चरण परिवार के कब्जे की रही है। वर्ष 1967 में यहां पहला चुनाव हुआ और रघुवीर सिंह शास्त्री यहां से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरे थे। उन्होंने यहां जीत दर्ज की थी। उसके बाद वर्ष 1971 में कांग्रेस ने यहां से रामचंद्र विकल को चुनावी मैदान में उतारकर जीत दर्ज की थी। उन्होंने भारतीय क्रांति दल के रघुवीर सिंह को हराया था। वर्ष 1977 में इस सीट पर समीकरण ही बदल गए और भारतीय लोकदल ने यहां से चौधरी चरण सिंह को चुनाव में उतारा था। चौधरी चरण सिंह ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद उनका विजयीरथ दौड़ना शुरू हो गया और वर्ष 1980, वर्ष 1984 में लगातार जीत दर्ज की। चौधरी चरण सिंह ने यहां से लगातार जीत के बाद अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे चौधरी अजित सिंह को सौंप दी थी और जनता दल से चौधरी अजित सिंह को वर्ष 1989 में चुनाव लड़ाया था। चौधरी अजित सिंह ने कांग्रेस के महेश शर्मा को भारी वोटों के अंतर से मात दी थी। इसके बाद वर्ष 1991, वर्ष 1996 में भी चौधरी अजित सिंह ही विजयी रहे। इन चुनाव में चौधरी परिवार का जादू यहां के मतदाताओं पर चढ़कर बोल रहा था।

चौधरी परिवार को जनता इतना प्यार और स्नेह देने लगी थी कि उनके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी खुद ही संभालती थी। बताया जाता है कि वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में चौधरी अजित सिंह के सामने भाजपा के सोमपाल शास्त्री चुनावी मैदान में उतार दिए गए। इस चुनाव में जनता चौधरी अजित सिंह से अपनी नाराजगी जाहिर करना चाहती थी। परंतु वह उन्हें हराना नहीं चाहती थी। बताया यह भी जाता है कि जनता कम वोटों के अंतर से विजयी बनाना चाहती थी, लेकिन जनता की नाराजगी विपरीत परिणाम में बदल गई। यहां उस प्रत्याशित हार से हर कोई सकते में आ गया था। चौधरी अजित सिंह की हार किसी के गले नहीं उतर पा रही थी।

भाजपा ने यहां पहली बार अपना जीत का खाता खोला था। सोमपाल शास्त्री ने जीत दर्ज की तो उन्हें अटल सरकार में इसका तोहफा देते हुए केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री बनाया गया था। राजनीतिज्ञों की मानें तो चौधरी अजित सिंह की हार के बाद लोगों की आंखों में आंसू आ गए थे। उनके आवास पर पहुंचकर क्षेत्र के लोगों ने बात भी रखी थी। उस वक्त हर किसी की आंखों में आंसू थी। चौधरी साहब भी भावुक हो गए थे। उनकी भावुकता ने उनके समर्थकों की आंखों में ओर आंसू ला दिए और अगले ही साल वर्ष 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में जनता ने चौधरी अजित सिंह को भारी मतों से विजयी दिलाई और सोमपाल शास्त्री को हराया। वर्ष 1998 में सोमपाल शास्त्री को 264736 वोट मिले थे, जबकि चौधरी अजित सिंह को 220030 वोट मिले थे। जबकि वर्ष 1999 मं हुए चुनाव में चौधरी अजित सिंह को 358069 वोट मिले थे, जबकि सोमपाल शास्त्री को 203650 वोट मिले थे। उसके बाद वर्ष 2004, 2009 में चौधरी अजित सिंह ही विजयी रहे। वर्ष 2014 में फिर भाजपा ने उन्हें हराया।

इस बार भाजपा से मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर डॉ. सत्यपाल सिंह रहे थे। वर्ष 2019 में चौधरी अजित सिंह मुजफ्फरनगर चले गए थे और वहां भाजपा के डॉ. संजीव बालियान से हार का सामना करना पड़ा। चौधरी परिवार का विजयीरथ अगर किसी ने रोका है तो वह भाजपा ही है। बाकी किसी भी दल को चौधरी परिवार को हराने में सफलता नहीं मिली। इतना जरूर है कि वर्ष 1998 का चुनाव जब चौधरी अजित सिंह हार गए थे तो यह पूरे देश में चर्चा का विषय बना था। हालांकि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में चौधरी अजित सिंह ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। जिसमें चौधरी जयंत सिंह भी मथुरा से पहली बार सांसद बने थे। उसके बाद चौधरी परिवार को जीत नसीब नहीं हुई। अब भाजपा के साथ मिलकर ही वह अपनी नैया पार कराने की जुगत में जुट गए हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Rampur: डीएम विवाद में आजम खां को सजा, कोर्ट ने सुनाया दो साल का कारावास

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: रामपुर की कोर्ट ने सपा...

Mamta Benerjee: चुनावी हार के बाद एक्शन में ममता, बोलीं- ‘जो जाना चाहता है, वह जा सकता है’

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में...

Money Laundering Case: शिकोहपुर केस में रॉबर्ट वाड्रा को जमानत, बोले- डर का कोई सवाल नहीं

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े...

Petrol-Diesel: पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार का बड़ा कदम, ईंधन निर्यात पर नई टैक्स दरें लागू

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों...
spot_imgspot_img