- होली के त्योहार पर भी चढ़ा भाजपा की जीत का रंग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रंगों के त्योहार होली पर भी इस बार यूपी में भाजपा की फिर से सरकार बनने का असर नजर आ रहा है। पहले बाजारों में हर तरह के रंगों के गुलाल की मांग होती थी, लेकिन इस बार भगवा गुलाल की मांग जोर पकड़ रही है।
दुकानदारों ने बताया कि अधिकतर ग्राहक भगवा गुलाल की मांग कर रहे हैं। जिस कारण इसकी कमी पड़ती जा रही है। आर्डर देकर भगवा गुलाल फिर से तैयार कराया जा रहा है। बलराज, कोटला बाजार के थोक व्यापारी का कहना है कि इस बार पिछले दो सालों की तुलना में होली के त्योहार पर रौनक ज्यादा है। बाजार में बिकने वाली सभी पिचकारियां व रंग-गुलाल सभी इंडियन मेड है।
उनके पास 20 से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारियां है, जो चाइनीज पिचकारियों से थोड़ी महंगी है। चुनावों के नतीजों के ठीक बाद में होली का त्योहार पड़ने के कारण होली से पहले ही होली खेली जा रही है। जिसमें भगवा गुलाल की मांग काफी अधिक है। शिवम, कैलाश पिचकारी के मालिक का कहना है कि उनके पास 5 से लेकर 1500 रूपये तक की पिचकारियां है।
दो सालों के बाद बाजार में त्योहार की रौनक नजर आ रही है, सबसे अच्छी बात यह है कि इस बार कोई भी ग्राहक चाइना के माल की डिमांड नहीं कर रहा है। भगवा गुलाल का जो स्टॉक था वह अब खत्म होने वाला है। इसकी डिमांड काफी ज्यादा है जिस वजह से इसको आर्डर पर फिर से तैयार कराया जा रहा है। भाजपा की सरकार बनने का भी असर है।निखिल, रंग-गुलाल व पिचकारी के व्यापारी का कहना है कि इस समय महंगाई काफी ज्यादा है, जिस कारण ग्राहकों की थोड़ी कमी है, लेकिन पिछली बार की तुलना में इस बार कुछ राहत है।
हालांकि चाइनीज पिचकारी बाजार में नहीं है, जो भी पिचकारियां बाजार में है वह सभी भारतीय है। इनकी कीमत कुछ ज्यादा है, वह तो कम कीमत वाली पिचकारियां ही बेच रहे है। अगर महंगाई पर थोड़ी लगाम लग जाए तो ग्राहकों की संख्या पर भी असर पड़ेगा। मुरली मनोहर, गुलाल के थोक विक्रता का कहना है कि कोरोना काल के कारण जिस तरह पिछली दो होली गुजरी है उनके मुकाबले इस बार बाजार में रौनक है।
रंगो के मुकाबले गुलाल की डिमांड अधिक है, उनमें भी भगवा गुलाल ग्राहकों की पहली पसंद है। उनके पास सिंगाड़े से तैयार गुलाल है। जिसे वह अपने सामने ही तैयार कराते है। पहले चाइना का माल आता था, लेकिन इस बार सभी माल भारत में ही बना है।

