- 17 हजार रुपये के जुर्माने से भी किया दंडित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-18 रमेश ने दहेज हत्या में पति राजू उर्फ राजकुमार पुत्र जयकरण शर्मा निवासी ग्राम राहवती थाना बहसूमा को दोषी पाते हुए 12 वर्ष की कैद व 17 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। वहीं, देवर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है।
एडीजीसी क्रिमिनल पंकज भारद्वाज ने बताया कि वादी मुकदमा सुरेश चंद्र ने 25 जनवरी 2013 को थाना बहसूमा में रिपोर्ट लिखाई की उसकी पुत्री दीपमाला की शादी राजू पुत्र जयकरण निवासी ग्राम राहवती थाना बहसूमा के साथ लगभग छह वर्ष पूर्व हुई थी। उसने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था।
परंतु ससुराल वाले दिए गए दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे। पति राजू पुत्र जयकरण माया पत्नी जयकरण, बिट्टू पुत्र जयकरण व कुसुम पत्नी बिट्टू ने शादी के कुछ समय बाद से परेशान करना शुरू कर दिया वह उनकी मांग पूरी करता रहा, परंतु 24 जनवरी 2013 को समय रात्रि 11 बजे उसकी लड़की को उसकी ससुराल वालों ने जहर दे दिया वह अपने परिवार वालों के साथ राहवती गया उसकी पुत्री डा. राजकुमार राहवती के यहां मृत अवस्था में मिली। वह तुरंत अपनी पुत्री की ससुराल गया और घटना की जानकारी चाही तो विपक्षी ने एक राय होकर कहा कि साले तू हमें एक लाख रुपये नहीं दे सका तो हमने तेरी लड़की को मार दिया है, जो करना चाहे कर ले।
पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में आरोपियों की ओर से कहा कि उन्हें इस मुकदमे में झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया और न्यायालय में सात गवाह पेश किए। न्यायालय ने गवाहों व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति राजू उर्फ राजकुमार को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए 12 वर्ष की कैद व 17 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, अभियुक्त बिट्टू उर्फ कुलदीप को संदेह का लाभ देते हुए आरोप से दोषमुक्त कर दिया है।

