- 100 दिन में किए जाने वाले कार्य का खाका तैयार कर सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए
जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: पदभार ग्रहण करने के बाद ज्यादातर मंत्रियों ने विभागीय कामकाज भी शुरू कर दिया है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को सदर स्थिति, सिंचाई विभाग के मुख्यालय सभागार मे विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक की और प्रदेश की सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के बारे में जानकारी ली, साथ ही कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परिश्रम की पराकाष्ठा पार कर हमें इन लक्ष्यों को प्राप्त करना है।
बैठक में जल शक्ति मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 100 दिन के लिए रोडमैप तैयार करके सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाय। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्पों को साकार करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। विभाग की अधूरी परियोजनाओं को अभियान चलाकर तेजी से पूरा किया जाए।
जलशक्ति मंत्री ने अपनी प्रथम बैठक मे सरकार की प्राथमिकता और नवीन कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए विभागीय कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन के कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाय। बाढ़ प्रबंधन से सबंधित टेंडर आदि की औपचारिकताएं निर्धारित अवधि में पूरा कर लिया जाय।
बैठक में उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय कार्यों के संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाई जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों एवं गरीबों को समस्त योजनाओं का लाभ मुहैया कराये जाने के निर्देश दिये। किसानों व गरीबों को स्वच्छ पानी मिले, उनके खेतों तक पानी पहुंचे, इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर लक्ष्य निर्धारित किए जाने के भी निर्देश दिया।
अधिकारियों ने दिलाया भरोसा
प्रमुख सचिव जल शक्ति अनिल गर्ग ने बैठक में जल शक्ति मंत्री को आश्वस्त किया कि आपके निर्देशानुसार निर्धारित समय सीमा के अंदर विभागीय परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्वक एवं मानकों के अनुरूप पूरा किया जाएगा। विभागीय समीक्षा बैठक में जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, विशेष सचिव अनिता सिंह वर्मा, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष बीके निरंजन, प्रमुख अभियन्ता परिकल्प एवं नियोजन एके सिंह, प्रमुख अभियंता परियोजना मुस्ताक अहमद, प्रमुख अभियंता यांत्रिक देवेन्द्र अग्रवाल आदि सभी संगठन के प्रमुख अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा मुख्यालय के अधिकारी
उपस्थित थे।

