- हाल-ए-तहसील: 305 गावों पर रामभरोसे चल रही तहसील, अधिकारी एवं कर्मचारियों का टोटा
- नायब तहसीलदार के चार पद खाली, 92 लेखपालों में से 54 की तैनाती
जनवाणी संवाददाता |
मवाना: प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यानाथ योगी तहसील स्तर पर चल रही अधिकारी एवं कर्मचारियों की स्थिति सुधारने में भले ही लगे हो, लेकिन जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर स्थित मवाना तहसील अधिकारी एवं कर्मचारियों की कमी बरकरार होने की वजह से तहसील रामभरोसे चल रही है।
बता दें कि तहसील क्षेत्र में चार ब्लॉक मवाना, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ एवं माछरा सम्मिलित हैं तो वहीं तहसील अंतर्गत 305 गांव की करीब आबादी सात लाख है। तहसील में भले ही एसडीएम, दो तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार तैनात हो, लेकिन आठ राजस्व निरीक्षक में से मात्र एक राजस्व निरीक्षक की तैनाती होने से काफी जिम्मेदारियां बढ़ गयी है।
कमोबेश यही हाल तहसील में तैनात होने वाले नायब तहसीलदार की है। पांच नायब तहसीलदार की एवज में एक नायब तहसीलदार पूरी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अधिकारी एवं कर्मचारियों का टोटा होने के कारण फरियादियों की समस्याओं का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इन गावों की जिम्मेदारी मात्र एक राजस्व निरीक्षक के कंधे पर आकर टिक गयी है।
जिला मुख्यालय से मात्र 25 किमी दूर स्थित मवाना तहसील में जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से स्टाफ की कमी बरकरार चली आ रही है। जनवाणी संवाददाता ने बुधवार को ग्राउंड जीरो पर पड़ताल की तो मामला कुछ अलग ही देखने को मिला। तहसील में 305 गांव आते हैं, जिसकी आबादी करीब सात लाख है।
तहसील में एक एसडीएम अमित गुप्ता, दो तहसीलदार आकांक्षा जोशी एवं रामचंद्र सिंह की तैनाती है। जबकि पांच नायब तहसीलदार में से मात्र एक नायब तहसीलदार जितेन्द्र कुमार जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कमोबेश स्थिति तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षकों की है। तहसील स्तर पर आठ राजस्व निरीक्षक होने चाहिए, लेकिन सात लाख की आबादी पर मात्र एक राजस्व निरीक्षक के कंधे पर सारी जिम्मेदारी आकर टिक गयी है।
इसी क्रम में 305 गांव पर तहसील क्षेत्र में 92 लेखपालों में से केवल 54 लेखपाल ड्यूटी निभा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार तहसील में कार्यरत 54 लेखपालों को एक साथ तीन से चार गांवों की जिम्मेदारी निभाते हुए फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण करने में जुटे हुए हैं। तहसील में अधिकारी एवं कर्मचारियों की कमी बरकरार होने के कारण तहसील में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण समय से नहीं किया जा रहा है। तहसील में आठ राजस्व निरीक्षक होने चाहिए, लेकिन मात्र एक राजस्व निरीक्षक होने के चलते उनके कंधों पर चौगुनी जिम्मेदारी बढ़ गयी है।
सरकारी कागजात को पूरा करने के लिए जारी गाइडलाइन का पालन कराने, आनलाइन समस्याओं का समाधान कराना, क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण करने के साथ अन्य तहसील स्तर के विभिन्न कार्य योजनाओं का समय से पूरा करने की जिम्मेदारी तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक के कंधे पर आकर टिक गयी है। एसडीएम अमित गुप्ता ने बताया कि काफी समय से स्टाफ की कमी चल रही है, लेकिन वर्तमान में मौजूद स्टाफ से ही काम लिया जा रहा है। स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए शासन को पत्र लिखकर भेजा जाएगा।

