जनवाणी संवाददाता |
शाहपुर: ईद के त्यौहार के सिर्फ चार दिन शेष बचे है बाजार खाली पड़े हुए हैं। दुकानदार से लेकर खरीदार तक सब कमर तोड़ महंगाई की मार से परेशान है। जंहा एक ओर कस्बे के दुकानदार बढ़ती हुई महंगाई के कारण दुकानों में लगी डेढ़ गुना लागत का हवाला देकर ग्राहक ना होने से परेशान है वही दूसरी ओर खरीदार भी बढ़ती महंगाई से खरीदारी करने से बच रहे है। यंहा तक की खाने के सामान, जूते, कपड़े, घर की साज सज्जा का सामान, फल, सब्जी पर भी महंगाई की मार पड़ी हुई है।

कस्बे के मैन बाजार के रेडीमेड कपड़ो के दुकानदार मनोज नामदेव, मोनू बालियान, हरिचरन , सन्नी, अमित भगत , हितेश राठी का कहना है कि रेडीमेड कपड़ो की लागत में महंगाई के कारण प्रत्येक जोड़े पर 100 से 200 रुपये तक का महंगा हो गया है, जबकि आम ग्राहक कीमत सुनते ही अचंभित हुआ जा रहा है। दुकानदार की मजबूरी यह है कि जब उसकी लागत बढ़ गई है तो वह ग्राहक को कैसे कम करे, वही ग्राहक भी काम ना होने व महंगाई से बजट बिगड़ जाने की बात कहकर खरीदारी करने से बच रहे है, जिसके चलते बाजार खाली पड़े है।
परचून विक्रेता सतीश जैन, दीपांशु गोयल, आशीष बंसल, आधार सिंघल का कहना है कि खाने की सभी चीज महंगा होने के कारण जंहा पहले एक आम ग्राहक 5 किलो तक सामान ले लेता था वही अब वह ग्राहक केवल एक किलो सामान लेकर महंगाई की बात बता रहा है। यही हाल साज सज्जा का सामान बेचने वाले गौरव शर्मा, विज्यानशू गोयल, सईद आदि का कहना है कि सामान की महंगाई के कारण लोग घर को सजाने की बजाय जरूरी चीज लेना ही बेहतर समझ रहे है। जूता व्यापारी साजिद अल्वी, पूरण गोयल, राजेश शर्मा, हर्ष जैन, सचिन आदि का कहना है कि ईद के त्यौहार के सिर्फ चार दिन शेष है परंतु अभी तक बाजार में ग्राहक नही है।
इसके अलावा फल विक्रेता अब्बास कुरैशी व अलीजान भी महंगाई की दुहाई देकर ग्राहक सिर्फ रोजा इफ्तारी में जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहा है। इस बार सेव 150 से 200 के बीच है तो केला भी 70 रुपये है। ऐसे में आम आदमी क्या खरीदारी करें। कमर तोड़ महंगाई के चलते जंहा दुकानदार लागत बढ़ने की बात कर रहा है तो वही ग्राहक भी महंगाई होने व काम ना होने की बात कहकर खरीदारी से बच रहा है।

