- जनवाणी की जांच-पड़ताल में सामने आई असलियत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शनिवार को जब ‘जनवाणी’ की पड़ताल में जिला अस्पताल से जुड़ा हैरान करने वाला एक मामला सामने आया है। शासन द्वारा जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को आवास मिले हुए हैं। जिन पर कुछ बाहर के लोग आकर अपना कब्जा बनाए हुए हैं। कुछ स्वास्थ्य कर्मी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, वह भी मकान कब्जाए हुए हैं। वह भी मकान खाली नहीं कर रहे हैं।
…तो कुछ ने अपना आवास किराए पर चला रखा है, वही कई बार शिकायत होने के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ट्रांसफर होने के बाद भी मकानों पर कब्जे किये हुए हैं। वही कुछ आवासों में ऐसे कर्मचारी और उनके परिवार रह रहे हैं, जो 10 साल पूर्व रिटायर हो चुके अथवा उनका गैर जनपद स्थानांतरण हो चुका है, जबकि यह नियम के विरुद्ध है। जिला अस्पताल में बने आवासों में नियमानुसार जिले में तैनात कर्मचारी ही रह सकते हैं, मगर यहां पूरी तरह से मनमानी हावी है।
जिला अस्पताल मे चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवास बने हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से अस्पताल कॉलोनी में स्वास्थ्य कर्मी कम बाहरी लोग ज्यादा रहते हैं। बेड व कमरे पर अवैध कब्जा है। विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवैध कब्जा धारियों से कमरों को नहीं खाली कराया जा रहा है, जबकि यह नियम के विरुद्ध है और पूर्व में भी इस मामले में कई बार शिकायत हो चुकी है।
फिर भी अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाये गये। जिससे कब्जा धारियों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं, वही जो असली हकदार हैं वह दर-दर की ठोकर खाते फिर रहे हैं। वहीं, यहां के क्वार्टर पर अवैध कब्जे की वजह से जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे स्वास्थ्य कर्मियों को किराए के घर में रहना पड़ रहा है, जबकि अस्पताल कंपाउंड में रहने के लिए 20 क्वार्टर कर्मचारियों के बने हैं और 20 क्वार्टर नर्सों के बने हैं और चिकित्सकों के 15 क्वार्टर बने हुए,
जिसका रखरखाव नहीं होने के कारण हालत खस्ताहाल है, जबकि रिटायर होने के बावजूद अवैध रूप से कब्जा जमाए कर्मचारी और स्वास्थ्य कर्मी रह रहे हैं, जबकि पूर्व में कई साल पहले रिटायरमेंट हो चुका है। बावजूद इसके प्रशासन आवास खाली कराने में नाकामयाब है और कोई भी जिम्मेदार इतने सालों से कब्जा धारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों ने किराए पर आवास दे रखे हैं, जिसका वह किराया लेते हैं।
ये बोले सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस एसके नंदा का कहना है कि जल्द इस मामले में अवैध रूप से कब्जा जमाए कर्मचारी और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

