Monday, March 30, 2026
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उपभोक्ताओं की जगह बिजली कम्पनियों को लग सकता है करंट

  • सोमवार को राज्य सलाकार समिति की बैठक में हो सकता है मंथन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बिजली कम्पनियों द्वारा बिजली म्ूाल्यों के स्लैब बढ़ाने का मामला फिलहाल लटकता दिखाई दे रहा है। हालांकि इस मामले में सोमवार को राज्य सलाकार समिति की बैठक में मंथन हो सकता है, लेकिन उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली कम्पनियोें के स्लैब परिवर्तन संबधी सिफारिश में कोई रुचि न लेने के चलते इस बात की उम्मीद बंध रही है कि बिजली कंपनियोें के नए रेट स्लैब को स्वीकार ही न किया जाए। इससे उपभोक्ताओं की जेबों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार फिलहाल नहीं पड़ेगा।

बिजली कम्पनियों के वार्षिक राजस्व वर्ष 2022-23 पर आयोग ने हाल ही में सुनवाई की थी। यह सुनवाई वीडियो कॉफ्रेंसिंग द्वारा हुई थी। इसी वीडियो कांफ्रेंसिग में बिजली कम्पनियों ने अपना प्रजेन्टेशन भी प्रस्तुत किया था जिसमें उन्होंने बढ़ाए जाने वाले प्रस्तावित स्लैब पर चर्चा की थी। हालांकि सूत्रों के अनुसार इस प्रजेन्टेशन को आयोग ने ज्यादा अहमियत नहीं दी।

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बताया तो यहां तक जाता है कि आयोग के चेयरमेन ने इस प्रजेन्टेशन को बीच में ही रोक दिया था। अब 27 जून को फिर बैठक होने जा रही है और इस बैठक के बाद आयोग जुलाई में होने वाली अगली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा कर सकता है। उधर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद् की दलील है कि जब आयोग ने स्लैब परिवर्तन मुद्दे को सुनवाई का हिस्सा ही नहीं माना तो वो इस पर फैसला ही क्यों लेगा।

गौरतलब है कि बिजली कम्पनियां बिना टैरिफ विज्ञापन निकाले स्लैब परिवर्तन का प्रस्ताव लेकर आयोग में गई थी। अब इस पूरे मुद्दे पर आयोग द्वारा अधिक रुचि न लिए जाने से इस बात की उम्मीद बंधी है कि बिजली कम्पनियां जो रेट का टैरिफ बढ़वाना चाहती हैं उसमें उन्हे सफलता न मिल पाए।

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