- तीन थानों का फोर्स और आरएएफ के जवान थे मौजूद
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके भाई तथा पूर्व एमएलसी महमूद अली पर प्रशासन का शिकंजा ढीला नहीं पड़ा है। मंगलवार को भी इनकी कोठियों का ध्वस्तीकरण किया गया। पूरे मकानों को पूरी तरह जमींदोज करने की प्रशासन की मंशा साफ झलक रही है। मंगलवार की सुबह 9 बजे बुलडोजर चला। तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ आरएएफ के जवान भी थे।
बता दें कि खनन माफिया हाजी इकबाल बाला पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं। हाजी के तीन बेटे अलीशान, इकबाल और जावेद तीनों जेल में हैं। इन पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जमीन की धोखाधड़ी, बैंक दस्तावेजों में कूट रचना करने आदि मामले हैं। हाजी की करोड़ों की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उसकी सौ बीघा जमीन को पिछले दिनों प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।
फिलहाल, हाजी पर कार्रवाई जारी है। कल न्यू भगत सिंह कालोनी में बनी हाजी की तीन कोठियों को ध्वस्त करना शुरू किया गया। मंगलवार को भी यह कार्रवाई जारी रही। कोठियां इतनी मजबूत बनाई गईं है कि जिला प्रशासन को ड्रिल मशीन का सहारा लेना पड़ा। सोमवार को तीन घंटे चली कार्रवाई के बाद भी तीनों कोठियां जमींदोज नहीं हो सकी। इसलिए मंगलवार को जिला प्रशासन ने दोबारा से ध्वस्तीकरण कराया। अभी भी तीनों कोठियों का काफी हिस्सा जमींदोज होने से बचा रह गया है। माना जा रहा है कि इसे भी गिराया जाएगा। बता दें कि हाजी की कोठी का मानचित्र पास किया गया था, लेकिन मानचित्र के विपरीत निर्माण किया गया था।
फ्रंट और साइट की दीवार ही टूट सकी। यह कोठी 1999 में बनी थी। इसके बराबर में ही दूसरी कोठी बनाई गई, जो 300 वर्ग गज की थी। यह कोठी पूरी तरह से अवैध बताई जा रही है। जबकि 500 वर्ग गज की कोठी हाजी इकबाल के भाई महमूद की है, यह पूरी कोठी अवैध रूप से बनाई गई थी। तीनों कोठियों पर मंगलवार को फिर से कार्रवाई की गई। बुधवार को भी महाबली यहां पर गरज सकता है।

