Wednesday, March 25, 2026
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गुरुवाणी के अमोलक कीर्तन की प्रस्तुतियों से संगत को किया निहाल

  • बेबे नानकी दल के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम
  • वाहे गुरु वाहे गुरु के सामूहिक उच्चारण से गुंंजाएमान रहा

जनवाणी ब्यूरो |

धामपुर: गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित सामूहिक गुरुवाणी कीर्तन उच्चारण कार्यक्रम एवं बेबे नानकी दल के पांचवे स्थापना दिवस स्थापना दिवस में कार्यक्रम स्थल वाहेगुरु वाहेगुरु के सामूहिक उच्चारण से गुरुवाणी में बना रहा। इस दौरान बेबे नानकी दल के जत्थे ने गुरुवाणी के अमोलक कीर्तन की विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से संगत को बोले सो निहाल सत श्री अकाल एवं वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह के जयकारे लगाने के लिए विवश कर दिया।

गुरुवाणी कीर्तन प्रस्तुत करने वाली दल से संबंधित गुरु घर की सभी अमृतधारी सेविकाओं को सरोपे भेटकर सम्मानित भी किया गया। गुरुद्वारा के दीवान हाल में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत गुरु महाराज के वजीर ज्ञानी रघुवीर सिंह जी ने आसाजी दी वार के कीर्तन के साथ की।

बेबे नानकी दल की जत्थेदार बीबी अमनप्रीत कौर सिडाना के निर्देशन में दल से संबंधित गुरु घर की अमृतधारी सेविकाओं अमनप्रीत कौर सलूजा मनदीप कौर काजल कौर तरनजीत कौर मुस्कान कौर साक्षी दुआ खुशी कौर सिल्की मनमीत कौर नवनीत कौर सिलेस्टी कोर आदि ने गुरुवाणी के अमोलक कीर्तन की प्रस्तुतियों के माध्यम से संगत को निहाल किया।

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कार्यक्रम में गुरुद्वारा की प्रबंध समिति के अध्यक्ष सरदार सतवंत सिंह सलूजा ने बेबे नानकी दल की जत्थेदार एवं उनकी सहयोगियों द्वारा पिछले 5 वर्षों से गुरु घर में की जा रही निस्वार्थ सेवाओं को सराहते हुए वाहे गुरु के चरणों से दल के पूरे परिवार को चढ़दी कला में बनाए रखने की अरदास भी की।

उन्होंने माता सुंदरी दल के जत्थेदार सरदार जसवीर सिंह खालसा द्वारा भी नियमित रूप से गुरु घर में गुरु वाणी कीर्तन का सामूहिक उच्चारण करने संबंधी प्रदान की जा रही। लगभग 27 वर्षीय निस्वार्थ सेवाओं को भी सराहा उन्होंने कहा कि गुरु घर की प्रबंध समिति का उद्देश्य निस्वार्थ भाव से गुरु घर की सेवा करने वालों तथा जत्थो को हमेशा प्रोत्साहित करते रहना है, ताकि गुरमुख परिवारों के सदस्य एवं जंत्थोके जत्थेदार पिछले कई वर्षों से चली आ रही सेवाओं के प्रति जागरूकता व नियमितता बनाए रखें।

कार्यक्रम में मात्र 7 वर्षीय बालक तरनप्रीत सिंह सिडाना ने धाराप्रवाह गुरुवाणी उच्चारण करते हुए तथा कौम के महान शहीद भाई तारु सिंह जी के जीवन दर्शन पर विचार प्रस्तुत करते हुए समूची संगत को अचंभित कर दिया तरनप्रीत सिंह सिडाना को भी गुरु घर की ओर से विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त ध्रुव जोतसिंह सिडाना एवं जसलीन कौर  सिडानाको भी उनकी गुरु घर के प्रति प्रदर्शित की जाने वाली निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में दांपत्य जीवन के 40 वर्ष पूर्ण हो जाने पर गुरु घर के सेवक सरदार जोगिंदर सिंह सिडाना एवं गुरु घर की सेविका बीबी सर्वजीत कौर सिडाना को भी उनके उज्जवल भविष्य की कामना के साथ उपस्थितगुरमुख परिवारों ने बधाइयां दी। कार्यक्रम गुरुद्वारा की प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष सरदार रविंद्र सिंह सिडाना, सचिव सरदार अमरजीत सिंह सिडाना, सह सचिव सरदार त्रिलोचन सिंह चावला, कोषाध्यक्ष गुलशन राय छाबड़ा, एसपी सलूजा, सतपाल सिंह चावला, गुरप्रीत सिंह चावला, बलजीत सिंह गांधी जोगा आदि के संयोजन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सफलता में गुरमुख परिवारों की ओर से गुरविंदर सिंह छावड़ा, जसविंदर सिंह कालड़ा, दलजीत सिंह कालरा, सुरेंद्र सिंह मोगा, वेद प्रकाश जुनेजा, जोगिंदर पाल सिंह मेंदीरत्ता, ज्ञानचंद जुनेजा, कुलदीप सिंह, गांधी देवेंद्र सिंह मोगा, बलवीर सिंह गांधी, मनप्रीत सिंह खालसा, गुरचरण सिंह चावला, देवेंद्र सिंह सलूजा, जगदीश लाल, तेजिंदर सिंह मोगा, हरजीत सिंह मोगा आदि ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन पर बेबे नानकी दल की ओर से आयोजित सामूहिक लंगर से किया गया।

सिर पर केशगीसजा कर पहुंची जसलीन कौर सिडाना को किया सम्मानित

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की प्रबंध समिति की ओर से गुरु घर में सिर पर केशगीसजा कर पहुंची जसलीन कौर सिडाना को न केवल सम्मानित किया गया, बल्कि उपस्थित गुरमुख परिवारों ने अन्य परिवारों का भी आवाहन किया कि वह अपने बच्चों को के शगी सजाकर और दस्तार बांधकर गुरु घर में हाजिरी भरने के लिए भेजने का संकल्प लें। ताकि गुरुओं द्वारा चलाई गई परंपराओं को सार्थक रूप दिलाया जा सके।

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