- निजीकरण व नई पेंशन व्यवस्था के विरोध में भाकियू से मांग समार्थन
जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: निजीकरण एवं नई पेंशन व्यवस्था के विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के समर्थन को लेकर अटेवा के प्रतिनिधिमंडल ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह के नेतृत्व में वार्ता की एवं सहयोग पत्र दिया। पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण बंदी के आंदोलन को जन आंदोलन बनाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह द्वारा रखा गया।
इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह ने बताया कि एक जनवरी 2004 के बाद नियुक्त अर्धसैनिक बल के सैनिकों शिक्षकों कर्मचारियों एवं अधिकारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था के स्थान पर निजीकरण की नींव रखने वाली नई पेंशन व्यवस्था में लाया गया। जो देश के सैनिकों एवं कार्मिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सामाजिक असुरक्षा प्रदान करती है।
भारतीय संविधान की सेवा नियमावली की बदौलत आज देश के कार्मिक विभागों में किसान मजदूर के बच्चे सैनिक शिक्षक कर्मचारी एवं अधिकारी बने हैं। नई पेंशन व्यवस्था शेयर बाजार पर आधारित है।
वार्ता में भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण बंदी के आगामी जनकल्याणकारी आंदोलन का हमारा पूर्ण सहयोग का के लिए आश्वस्त किया।
प्रतिनिधि मंडल में बिजनौर जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार, जिला मंत्री सतवीर सिंह, मुजफ्फरनगर जिला सह संयोजक दिनेश यादव, जिला सह संयोजक रमेश चंद्र, तेजपाल सिंह, गर्वित चौधरी, तेजप्रताप वाजपेई, हाकिम सिंह, राम गुनीवर्मा आदि मौजूद रहे।

