- विद्यालयों में बच्चे न होने के कारण आनलॉइन होगी हैंडवाश प्रक्रिया
जनवाणी संवाददाता |
बिजनौर: महानिदेशक स्कूल शिक्षा वीके आनंद द्वारा जारी पत्र के अनुसार इस बार हैंडवश-डे पर कोरोना के कारण विद्यालय में बच्चे नहीं हैं। सोशल मीडिया के साधनों वट्सऐप, यूट्यूब आदि के माध्यम से बच्चों को हैंडवाश से संबंधित विभिन्न गतिविधियां कराई जाए। हैंडवाश का अभ्यास कराया जाए तथा हैंडवश डे के दिन आधे घंटे का समय अध्यापकों द्वारा हैंडवश से संबंधित लाभो व तरीकों से संबंधित गतिविधियों पर दिया जाए।
इसके अलावा उन्होंने डीएम, सीडीओ व बीएसए को दिए गए निर्देशों में कहा कि इस दिन विद्यालयों में आनलाइन हैंड वाश से संबंधित निबंध व पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाए। ग्लोबल हैंड वाश डे पर इस वर्ष की थीम सबके लिए स्वच्छ हाथ है। जो बेहद अर्थपूर्ण है तथा कोविड के कारण प्रासंगिक व महत्वपूर्ण है। यदि पूरी दुनिया हैंडवाश के महत्व को समझ लें तथा बच्चे इसके वाहक बनें तो आसानी से पूरा समाज जागरूक हो सकता है।

इसके लिए बच्चों को समझाना है कि भोजन से पहले, खांसने, छींकने तथा शौच के बाद हमेशा सही तरीके से हाथ धोने आवश्यक है। ऐसा करके हम न केवल स्वयं को बीमारियों से बचाते हैं। बल्कि अपने परिवार को भी सुरक्षित रखने की ओर बढ़ते हैं। इस मौके पर विद्यालय के सभी बच्चों से शपथ भी ली जाएगी जिसमें वे सही समय पर सही तरीके से हाथ धोने का वादा करेंगे।
इस प्रकार विद्यालय से दूर रहकर भी बच्चे हाथ धुलाई दिवस के दिन हाथ धोने के प्रति जागरूक होंगे। राष्टीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला टीम के सदस्य मुजीबुर्रहमान तथा गुलशन गुप्ता ने बताया कि हाथों को केवल धोना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सही तरीके से धोने पर ही उसके पूरे लाभ मिल पाते हैं हाथों के सभी जर्म्स समाप्त हो जाते हैं जिससे बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है हाथ को सही तरीके से धोने के छह चरण हैं, जिनके पूर्ण करने के लिए वैज्ञानिक शोधों के अनुसार बीस से चालीस सेकेंड का समय हमें लगाना चाहिए। इस अच्छी आदत को अपना कर ही हम काफी हद तक स्वस्थ रह सकते हैं।

