- दिल दहला देने वाले मंजर का प्रत्यक्षदर्शी है भोकेरहेडी का मनोज
- अधिकतर लोगों का सामान हुआ गुम, बादल फटने से पहले दुकानों पर जमा कराया था सामान
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार को बादल फटने वे हादसे में मुजफ्फरनगर के करीब 200 लोग फंसे हुए हैं, हालांकि सभी लोग सुरक्षित हैं, परंतु अधिकतर लोगों का सामान गुम हो गया है, जो उन्होंने दुकानों पर जमा कराया था। बादल फटने के कारण दुकानें बह गई है, जिसके साथ उनका सामान भी बह गया है। सभी लोग वापस आने की तैयारी में लगे हुए हैं ।
बता दें कि शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा के दौरान गुफा में प्रवेश से पहले अचानक से बादल फट गया था, जिसके कारण वहां पर बड़ा हादसा हुआ। इस हादसे में इस हादसे में जान व माल की बड़ी हानि हुई है। मुजफ्फरनगर के भी लगभग 200 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए गए हुए थे, जैसे ही वहां पर इस हादसे की होने की सूचना मुजफ्फरनगर पहुंची तो उनके परिवार के लोगों में दहशत मच गई। सभी ने अपने–अपने तरीके से अपने लोगों की खेर–खबर ली। मुजफ्फरनगर से गए सभी 200 यात्रियों के सही सलामत होने की पुष्टि हो चुकी है, जिसके बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। हालांकि इस हादसे में तीर्थ यात्रा पर गए लोगों का सामान गुम हो गया है, जो उन्होंने दुकानों पर जमा कराया था। बादल फटने से आई बाढ़ के कारण दुकान में बह गई, जिसके सामान भी बह गया है।
मनोज ने देखा तबाही का मंजर
मुजफ्फरनगर में मूल रूप से भोकरहेड़ी निवासी एवं नगर के शांति नगर में परिवार के साथ रह रहे मनोज कुमार अकेले ही अमरनाथ यात्रा के लिए गए थे। उन्होंने बताया कि वे लोग प्रेमपुरी से बस में सवार होकर राहुल भारद्वाज के साथ पहुंचे थे। बताया कि शुक्रवार को 4 बजे जब वह गुफा में प्रवेश की तैयारियाें के लिए सीढियो के पास खड़ा हुआ था। तभी तेज आवाज के साथ ऊपर से पानी और मलबा आना शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि पानी और मलबे की चपेट में जो भी आया वही बह गया। बताया कि दहशत के चलते सभी इधर उधर को भागना शुरू हो गए। चारों और चीख पुकार की आवाज आने लगी। बताया कि किसी तरह उन्होंने अपने आप को बचाया।
प्रेमपुरी से गए थे 72 श्रद्धालु
प्रेमपुरी निवासी राहुल भारद्वाज ने फोन कर बताया कि बस में सवार होकर वे करीब 72 श्रद्धालु अमरनाथ पहुंचे थे। बताया कि उनके अलावा वहां 125 से अधिक श्रद्धालु और मुजफ्फरनगर के ही हैं। उन्होंने बताया कि जिले के करीब 200 लोग यात्रा के लिए पहुंचे थे, जो सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। राहुल ने बताया कि अधिकतर श्रद्धालुओं का सामान नहीं मिल रहा है।

