- मवाना-अम्हेड़ा रोड के निर्माण का मामला, हालत बद से बदतर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम मवाना रोड से अम्हेड़ा रोड को नए सिरे से तैयार करेगा। इसके लिए 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसकी स्वीकृति नगर निगम की तरफ से हो गई है। टेंडर भी लगा दिये गए हैं। कुछ टेंडर आये भी हैं, जिनको जल्द ही निगम अफसर फाइनल करेंगे। नगर निगम के अधिकारियों ने आबादी क्षेत्र में जलभराव के चलते सड़क को आरसीसी की बनाने का निर्णय लिया है।
इसी वजह से करीब पंद्रह सौ मीटर आबादी क्षेत्र में रोड आरसीसी की तैयार की जाएगी। इस पर फाइनल मुहर लगा दी गई है। इसको लेकर भाजपा के कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने भी नगर निगम के अधिकारियों से बात की तथा सड़क निर्माण की बेहतर गुणवत्ता के निर्देश दिए। भाजपा विधायक का कहना है कि लंबे समय से मवाना अम्हेड़ा रोड खराब पड़ी है। लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते नगर निगम से 1.25 करोड़ रुपए की स्वीकृति कराई गई है।
अब जल्द ही इस सड़क के निर्माण का कार्य चालू हो जाएगा। आबादी क्षेत्र के अलावा भी कुछ सड़क तारकोल की बनाई जाएगी और सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग लगाने की भी बात कही जा रही है। अब नगर निगम के इंजीनियर इसका टेंडर भी आमत्रिंत कर लिये हैं, जिसके बाद जल्द ही इसी सप्ताह इसका निर्माण कार्य चालू किया जा सकता है। इसकी संभावना जताई गई है।

हालांकि कैंट विधायक ने इस सड़क के चौड़ीकरण की भी मांग की थी, ताकि समस्या को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। यहां सरकारी जगह भी पड़ी हैं, जिसके लिए चौड़ीकरण किया जा सकता हैं। अब नगर निगम ने चौड़ीकरण तो स्वीकार नहीं किया, लेकिन सड़क निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली हैं।
800 मीटर की सड़क में 800 ही गड्ढे
बारिश से भी जलभराव की समस्या होती है। जलभराव होने के कारण गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिसके कारण बारिश के समय आए दिन हादसे होते हैं। अब जल्द ही टेंडर जारी हो गया है तो सड़क का निर्माण कार्य भी जल्द ही किया जाएगा। मवाना रोड से शुरू होकर अम्हेड़ा तक सड़क की हालत इतनी खराब है कि कई किमी अच्छी सड़क पर चलकर आने का मजा किरकिरा कर देती है। लगभग 800 मीटर की इस सड़क पर सैकड़ों छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई स्थानों पर तो सड़क पूरी तरह से गायब हो गई है। ज्यादातर स्थानों पर तो बड़े गड्ढों समेत पूरी सड़क पर भरी धूल परेशानी का सबब बन गई है।
स्कूली छात्रों को मिलेगी राहत
अम्हेड़ा सड़क जर्जर होने के कारण स्कूल जाने वाले छात्रों को सर्वाधिक परेशानी होती थी। सड़क निर्माण शुरू होने से पहले आलम यह था कि बड़े-बड़े गढ्ढे थे। जिससे हमेशा दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है, लेकिन सड़क के बनने के बाद से यह भय खत्म हो जाएगा। नागरिकों की भी मांग थी कि इस सड़क का जल्द से जल्द जीर्णोद्धार हो जाएं। जिससे आवागमन की उनकी परेशानी दूर हो।
धूल से बढ़ रही दमा और एलर्जी की समस्या
किसी भी बड़े ट्रक के गुजरने के दौरान इतनी धूल उड़ती है कि दुपहिया वाहनों पैदल चल रहे लोगों के चेहरे धूल से भर जाते हैं। नाक के जरिए शरीर के अंदर जा रही यह धूल लोगों को बीमार कर रही है। यह धूल लोगों में दमा जैसी बीमारियों का कारण बन रही है। सड़क की धूल से बीमार होकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें टीबी और एलर्जी के मरीज शामिल हैं। इस सड़क पर इतने बड़े गड्ढे बन गए हैं कि रात में जब यहां से ट्रक गुजरते हैं तो इतनी तेज आवाज होती है कि नींद टूट जाती है।

