- रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिये एसओजी लगी
- प्रॉपर्टी डीलर को जेल भेजने की धमकी देकर एक लाख रुपये लिये
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रॉपर्टी डीलर को झूठे केस में जेल भेजने की धमकी देकर एक लाख रुपये वसूलने वाले लिसाड़ीगेट थाने के एक भ्रष्ट दारोगा और दो पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिये एसएसपी ने एसओजी को लगा दिया है। प्रापर्टी डीलर ने एक सिपाही सुमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में विवेचना के बाद दारोगा अमित जावला और दूसरे सिपाही जितेन्द्र को भी नामजद कर दिया गया है।
अवैध वसूली करने में पुलिस रिकार्ड तोड़ने में लगी हुई है। दागदार दारोगा और सिपाही लोगों को धमका कर पैसा वसूलने में लगे हुए हैं। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के एक प्रापर्टी डीलर को झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी देकर एक लाख रुपये वसूलने के मामले में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने दारोगा अमित जावला, सिपाही सुमित और सिपाही जितेन्द्र को तत्काल प्रभाव से पहले ही निलंबित कर दिया था और अब इनकी गिरफ्तारी के लिये एसओजी को लगा दिया गया है।
सीओ कोतवाली अरविन्द चौरसिया ने बताया कि अली बाग कालोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर साजिद मलिक से एक लाख रुपये लेने के मामले में इनमें दारोगा अमित जावला जब पिलोखड़ी चौकी में तैनात था उस वक्त इस पर सटोरियों से पैसे लेने का आरोप था। इस पर वहां से हटाकर लिसाड़ीगेट थाने भेज दिया गया था और सस्पेंड हो चुका था।

सिपाही सुमित गुर्जर अपने साथ एक और पुलिसकर्मी को लेकर छह सितंबर को रात को प्रॉपर्टी डीलर साजिद के घर गया था और कहा था कि एक लाख रुपये दे दो। अगर पैसे देने की बात किसी को बताई तो झूठे मामले में जेल भिजवा देंगे। इस मामले ने तूल पकड़ा और सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद दारोगा अमित जावला और जितेन्द्र के नाम भी प्रकाश में आए।
इनके नाम भी मुकदमे में शामिल होने के बाद एसएसपी ने इनको पकड़ने के आदेश कर दिये। फिलहाल तीनों पुलिसकर्मी भूमिगत बताये जा रहे हैं और इनको पकड़ने के लिये एसओजी को लगा दिया गया है।
एसएसपी की बीट दारोगा और सिपाहियों पर गिरी गाज
मोदीपुरम: दुल्हैड़ा बवाल में लगातार एसएसपी की गाज गिर रही है। सीओ, थाना प्रभारी के बाद अब बीट के दारोगा और सिपाहियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है। उधर, तीसरे दिन भी गांव में पुलिस बल तैनात रहा। जिसके चलते गांव में शांति व्यवस्था कायम रही।
दीपक चौहान की हत्या के बाद गांव में बवाल हो गया था। इस बवाल में पुलिस के साथ धक्कामुक्की हुई थी। लगभग आठ घंटे तक गांव में बवाल चला था। बवाल करने वालों के खिलाफ जहां पुलिस ने पल्लवपुरम थाने पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, एसएसपी ने सीओ दौराला आशीष शर्मा को हटा दिया था। इसके बाद थाना प्रभारी पल्लवपुरम अवनीश अष्टवाल को थाने से हटाकर लाइन भेज दिया।
एसएसपी ने इसके बाद बीट के दारोगा झम्मन सिंह सिपाही जिसान और रोशनलाल क ो भी सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि जिस दिन बवाल हुआ। उस दिन तय माना जा रहा था कि इन अधिकारियों पर गाज गिरना तय है, लेकिन एसएसपी के साथ आईजी का गांव में पहुंचने पर इस कार्रवाई को बल मिल गया था। एक के बाद एकाएक कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।

