Monday, March 23, 2026
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रॉबिन उथप्पा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास, आईपीएल में भी नहीं आएंगे नजर

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत को 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले दाएं हाथ के बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है। उन्होंने बुधवार को संन्यास का एलान किया। 36 साल के उथप्पा अब आईपीएल में भी नहीं नजर आएंगे।

2007 में टी 20 विश्व कप के पहले संस्करण में उथप्पा ने भारत को पाकिस्तान को बॉल आउट करने में मदद की थी। उन्होंने बॉलिंग करते हुए सीधे स्टंप पर निशाना साधा था। इसके बाद उनके सेलिब्रेशन ने सभी फैन्स का दिल जीत लिया था। इसके बाद उथप्पा भारतीय क्रिकेट में एक चर्चित नाम बन गए थे।

उथप्पा ने संन्यास का एलान करते हुए ट्विटर पर अपने पोस्ट में लिखा- अपने देश और अपने राज्य कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान रहा है। हालांकि, सभी अच्छी चीजों का अंत होना चाहिए और मैंने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है।

उथप्पा ने लिखा- प्रोफेशनल क्रिकेट खेले मुझे 20 साल गुजर चुके हैं। देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व का पल रहा है। इस दौरान कई उतार-चढ़ाव आए। यह काफी चुनौतीपूर्ण और मजेदार रहा है। इससे मुझे एक इंसान के रूप में बढ़ने में मदद मिली। हालांकि, अब मैंने रिटायर होने का फैसला लिया है।

इस मौके पर मैं बीसीसीआई अध्यक्ष, सचिव और बोर्ड के सभी पदाधिकारियों को धन्यवाद कहना चाहूंगा। उन्होंने मेरे करियर में मुझे काफी समर्थन दिया। साथ ही मैं कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन और केरल क्रिकेट एसोसिएशन को मौका देने के लिए भी धन्यवाद देना चाहूंगा।

उथप्पा ने लिखा- मैं आईपीएल टीम का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा। मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, पुणे वॉरियर्स इंडिया और राजस्थान रॉयल्स समेत जितनी भी टीमों से मैंने खेला, उनका मैं आभारी हूं। मैं कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपरकिंग्स का विशेष तौर पर मेंशन करना चाहूंगा। इन दोनों टीमों से मेरी काफी यादें जुड़ी हैं। मुझे और मेरे परिवार का साथ देने के लिए और यादें देने के लिए धन्यवाद। इसको मैं जिंदगी भर याद रखूंगा।

उथप्पा ने लिखा- मैं इस मौके पर अपने परिवार और मेरी बहन का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा। उन्होंने मेरे पैशन को बढ़ावा देने के लिए कई त्याग किए हैं। इसी की बदौलत मैं आज कामयाब हो पाया हूं।

उथप्पा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 46 वनडे और 13 टी-20 खेले। वनडे में उनके नाम 25.94 की औसत से 934 रन हैं। इनमें छह अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उथप्पा के नाम 24.9 की औसत और 118.01 के स्ट्राइक रेट से 249 रन हैं। इसमें एक अर्धशतक शामिल है। वह 2007 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया के हिस्सा थे।

इसके अलावा उथप्पा आईपीएल में 205 मुकाबले खेल चुके हैं। इसमें उन्होंने 27.51 की औसत और 130.55 के स्ट्राइक रेट से 4952 रन बनाए। उन्होंने आईपीएल में 27 अर्धशतक जड़े हैं। उनका हाईएस्ट स्कोर 88 रन का रहा है।

उथप्पा ने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू नौ अप्रैल 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। वहीं, उन्होंने अपना आखिरी वनडे 14 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला था। उथप्पा ने टी-20 डेब्यू 13 सितंबर 2007 को स्कॉटलैंड के खिलाफ किया था। वहीं, उन्होंने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 19 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे स्टेडियम में खेला था।

आईपीएल में रॉबिन उथप्पा दो बार ट्रॉफी जीत चुके हैं। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स और 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ वह आईपीएल ट्रॉफी जीत चुके हैं। उथप्पा ने अपना आईपीएल मैच 20 अप्रैल 2008 को मुंबई इंडियंस की तरफ से रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ खेला था। वहीं, आखिरी आईपीएल मैच उथप्पा ने 12 मई 2022 को चेन्नई सुपर किंग्स की टीम से मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेला।

उथप्पा ने अपने घरेलू करियर की शुरुआत 2002-03 में कर्नाटक के साथ की और 2020-21 सीजन में केरल के साथ इसे समाप्त कर दिया। उन्होंने 2017-18 और 2018-19 सत्रों के दौरान सौराष्ट्र का भी प्रतिनिधित्व किया। उथप्पा ने 142 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें लगभग 41 की औसत से 22 शतकों के साथ 9446 रन बनाए। इसके अलावा उथप्पा ने 203 लिस्ट-ए मैचों में 35.31 के औसत से 16 शतकों के साथ 6534 रन बनाए। ओवरऑल 291 टी20 मैचों में उन्होंने 28.18 की औसत और 133.08 के स्ट्राइक रेट से 7272 रन बनाए।

उन्होंने आईपीएल के सभी 15 सीजन खेले और टूर्नामेंट में छह टीमों का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस, पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स शामिल हैं। उथप्पा को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था, जिसने उन्हें 2006 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू का मौका दिलाया। हालांकि, खराब फॉर्म के कारण 2007 के टी-20 विश्व कप के तुरंत बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था।

2015 में भारत के लिए अपने आखिरी कुछ मैच खेलने से एक साल पहले उथप्पा ने कर्नाटक के साथ एक खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने कर्नाटक टीम में रहते हुए 2013-14 सीजन में रणजी ट्रॉफी, ईरानी कप और विजय हजारे ट्रॉफी जीती। इसके बाद 2014 में वह आईपीएल में नाइट राइडर्स के लिए कई शानदार पारियां खेलीं। वह टूर्नामेंट के प्रमुख रन-स्कोरर के रूप में उभरे और 138 के स्ट्राइक रेट से 660 रनों के साथ सीजन का अंत किया।

इसका इनाम भी उथप्पा को मिला। उन्हें 2014 और 2015 में बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के दौरों के लिए भारतीय टीम में वापस बुलाया गया। हालांकि, छोटी टीमों के खिलाफ उनकी वापसी का मतलब था कि आगे उन्हें नहीं देखा जाएगा और ऐसा ही हुआ भी। उथप्पा टीम से बाहर कर दिए गए। इसके बाद 2014-15 सीजन में भी उन्होंने कर्नाटक की टीम से खेलते हुए ईरानी कप, रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी जीती।

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