Friday, March 27, 2026
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फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक ढंग से खेती करें किसान

  • किसान दिवस एवं कृषि उपकरण वितरण कार्यक्रम

जनवाणी संवाददाता |

बहादराबाद: इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लि0(इफको) द्वारा अपने अंगीकृत ग्राम जसवावाला में धान की फसल पर किसान दिवस एवं कृषि उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. पुरूषोत्तम कुमार प्रभारी कृषि विज्ञान केन्द्र, धनौरी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के प्रगतिशील सम्मानित कृषक राजकुमार सैनी ने की।

कार्यक्रम के आरम्भ मे डॉ. रामभजन सिंह, मुख्य क्षेत्र प्रबंधक इफको, हरिद्वार ने सभी अधिकारियों एवं किसानो का स्वागत किया तथा सबसे पहले किसानो को कोरोना से बचाव हेतू साबुन से बार बार हाथ धोने, मास्क पहनने व दो गज की दूरी बनाकर रहने की सलाह दी। कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि धान की फसल पर द्विखण्ड प्रदर्शन लगाया गया है। किसान के प्रदर्शित आधे प्लाट मे मिट्टी परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रयोग कराया गया है तथा खड़ी फसल मे सागारिका का एवं जल विलेय उर्वरक 18:18:18 का स्प्रे कराया गया है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रभारी कृषि विज्ञान केन्द्र धनौरी डॉ. पुरूषोत्तम कुमार ने किसानों को सरसों की बुवाई हेतु पूसा विजय, पूसा तारक, महक, पीली सरसो-1 की बुवाई की सलाह दी। मसूर की बुवाई के बतायाकि पीएल 8 प्रजाति हरिद्वार के लिये सबसे अच्छी प्रजाति है। गेहूं की अगेती बुवाई के लिये एचडी 2967, एचडी 3086,पीबीडब्लू 725, पीबीडब्लू 550 की किसान भाई बुवाई करें।

पिछेती बुवाई के लिये यूपी 2565, डीबीडब्लू 16, यूपी 2425 आदि की बुवाई करे। सरसों की फसल में खरपतवार नियन्त्रण हेतु पैंडामेथालिन 3.5 लीटर मात्रा को 600 लीटर पानी मे घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से पीछे की तरफ हटते हुए बुवाई के 24 घंटे के अन्दर छिड़काव करें। सरसों की बुवाई में सल्फर 20-25 किलो0 प्रति हेक्टेयर की दर से डीएपी या एनपीके 12:32:16 के साथ जरूर दें। इससे तेल की मात्रा एवं उसकी गुणवत्ता में सुधार होता है।

खड़ी फसल में पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु जल विलेय उर्वरक एनपीके 18:18:18 के 2 स्प्रे 15 दिन के अन्तराल पर करे। इफको एमसी के प्रतिनिधि राहुल पुण्डीर ने बताया कि इफको ने जापान की बहुप्रतिष्ठित कम्पनी मित्शुबिशी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर इफको-एमसी नाम का संयुक्त उद्यम बनाया है जो सहकारी समितियों के माध्यम से किसानोंं के लिये उच्च गुणवत्ता युक्त कृषि रसायन किफायती दरों पर आपूर्ति कर रहा है।

उन्हौने किसानो को धान, गेहं, गन्ना, सरसों आदि फसलों मे लगने वाले कीटों एवं बीमारियों की रोकथाम के उपाय बताये। कृषि स्नातक प्रशिक्षु रिषभ साह ने किसानों को इफको के आने वाले नये उत्पाद नैनो नाट्रोजन, नैनो जिंक व नैनो कॉपर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नैनो नाइट्रोजन के प्रयोग से फसलों में यूरिया की आधी मात्रा में ही आवश्यक्ता होगी।

एनके सिरोही, राज्य विपणन प्रबंधक इफको देहरादून ने किसानों को इफको के नये जल विलेय उत्पादों एवं संतुलित उर्वरक प्रयोग के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर किसानों को इफको द्वारा 50% अनुदान पर स्प्रे मशीन दी गयी।
कार्यक्रम के अन्त में डॉ. राम भजन सिंह मुख्य क्षेत्र प्रबंधक इफको हरिद्वार ने सभी अधिकारियों एवं किसानों को धन्यवाद दिया।

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