- पशुपालन विभाग बता रहा दो लाख 44 हजार में महज 1419 गोवंश है रोग की चपेट में
- किसी को गले नहीं उतर रहा प्रति एक हजार गोवंश में छह से भी कम बीमार होने का दावा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पशुपालन विभाग से जुडेÞ अधिकारी कहीं लंपी रोग से ग्रस्त गोवंश की संख्या छिपाकर स्थिति के भयावह होने का इंतजार तो नहीं कर रहे हैं! यह सवाल नगर और देहात क्षेत्र में छुट्टा घूम रहे बीमार गोवंश की तादाद में आई एकाएक बढ़ोत्तरी और हर गोपालक के बीमार गोवंश के इलाज में दिन रात एक करने से पैदा हो रहा है। पशु पालन विभाग की ओर से शुक्रवार शाम तक शासन को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ जनपद में लंपी बीमारी से प्रभावित गोवंश की संख्या 1419 है।
जबकि पूरे जनपद में अभी तक छह गोवंश की मौत दर्ज की गई है। वहीं जनपद में 31 टीमों के जरिये 331 गांवों के एक लाख 18 हजार गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है। यह आंकड़े उस स्थिति में बताए जा रहे हैं, जबकि मेरठ में कुल गोवंश की संख्या दो लाख 44 हजार भी सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही है। इसमें 6500 गोवंश गोशालाओं में बताए गए हैं। अब कुल दो लाख 44 हजार की संख्या से घोषित रोगग्रस्त गोवंश की 1419 संख्या का प्रतिशत देखा जाए, तो यह महज 5.9 ही होता है।
यानि एक हजार में से छह से भी कम, अर्थात दस हजार में से केवल 59 गोवंश ही मेरठ जनपद में लंपी रोग की जद में हैं। इस संख्या पर गोपालक ही सवाल खड़े करते हुए कहते हैं कि इन दिनों अधिकांश गोवंश लंपी रोग की जद में आ चुके हैं। उनका सीधा आरोप है कि स्थनीय स्तर पर पशु चिकित्सा विभाग की टीम उच्चाधिकारियों के साथ सिर्फ आंकड़ों का खेल कर रही है। जबकि स्थिति प्रतिदिन भयावह होती जा रही है। वहीं उप जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसपी पांडेय का कहना है कि समय रहते तेजी से किए गए टीकाकरण और जागरूकता अभियान के कारण स्थिति नियंत्रण में है।

