- सफाई मजदूरों को वार्ता के लिए गुरुवार 10 बजे का दिया गया समय
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा ने नगर निगम बोर्ड बैठक स्थगित किए जाने के बाद हुए उपद्रव के संबंध में जांच के लिए अपर नगर आयुक्त (प्रथम) ममता मालवीय की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति सम्पूर्ण घटनाक्रम की संयुक्त जांच आख्या एक सप्ताह में प्रस्तुत करेगी। जिसके आधार पर दोषियों के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी।
इस संबंध में नगर आयुक्त की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि आउटसोर्स पर कार्य कर रहे स्वच्छता मित्रों के मानदेय में वृद्धि के विषय पार्षदगणों के मध्य वाद-विवाद होने के क्रम में महापौर अध्यक्षा की ओर से बैठक को स्थगित कर दिया गया।

इसके उपरान्त जब नगर निगम के अधिकारी / कर्मचारीगण अपने कार्यालयों-कक्षों को लौटने लगे, इसी दौरान लगभग 400 उपद्रवियों द्वारा टाउन हॉल नगर निगम में तोड़-फोड़ की गई, अमर्यादित आचरण किया गया। अधिकारियों/कर्मचारियों से अभद्रता की गई और हिंसात्मक व्यवहार किया गया। इस अप्रिय घटना के संबंध में चार सदस्यीय समिति का गठन करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
निगम प्रशासन को लेनी होगी जिम्मेदारी: रंजन शर्मा
सर्वदलीय पार्षद दल के नेता रंजन शर्मा ने कहा कि जनरल सर्वे, नामांतरण शुल्क, निर्माण, इएसएल आदि मुद्दे उठाए गए, लेकिन इन पर कोई चर्चा नहीं की गई। सफाईकर्मियों के हंगामे पर उनका कहना है कि इसका जिम्मेदार नगर निगम प्रशासन है।
प्रवर्तन दल और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बोर्ड बैठक में अगर भीड़ घुस जाए, तो निगम प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। सुबह से बाहर सफाईकर्मी प्रदर्शन करते रहे, जिनको देखते हुए वहां पुलिस बल भी तैनात किया गया। ऐसे में उनकी जवाबदेही भी बनती है। बैठक में जिन मुद्दों को उठाया जाए, उनके बारे में शासन से पूछकर जवाब देने की बात कही जाएगी, उसके आधार पर यही सवाल उठता है कि ऐसे में बोर्ड का औचित्य ही क्या रह जाता है।
मेरठ में नहीं पाले जा सकेंगे खूंखार नस्ल के कुत्ते
भाजपा पार्षद ललित नागदेव ने नगर क्षेत्र में खूंखार नस्ल के कुत्तों को पाले जाने के बारे में बोर्ड बैठक के दौरान मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि जिन नस्लों को खूंखार की श्रेणी में रखा गया है, उनको पालने की अनुमति बंद की जाए। इस पर सभी पार्षदों ने सहमति दी।

जिसके आधार पर मेयर सुनीता वर्मा ने प्रस्ताव पारित करने के लिए हरी झंडी दे दी। बताया गया कि लखनऊ में एक महिला की पिटबुल डॉग के हमले में मौत के बाद कई नगर निगम में ऐसा प्रतिबंध पहले ही लगाया जा चुका है।
घंटाघर-किशनपुरी नाले में सबसे बड़ा घोटाला
घंटाघर से किशनपुरी तक बनाए गए नाले में नगर निगम का सबसे बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाते हुए भाजपा पार्षदों ने सदन में इसको लेकर बैनर लहराया। जिसमें निर्माण से संबंधित फोटो प्रदर्शित करते हुए आरोप लगाया गया कि इसमें नाले की दीवार, आरसीसी आदि में घोटाला किया गया है।
जिसकी जांच लखनऊ की टीम से कराई जाए। भाजपा पार्षदों की इस मांग में सर्वदलीय पार्षद दल ने सुर से सुर मिलाया। हालांकि इस मुद्दे पर नगर आयुक्त की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उनके साथ भाजपा पार्षद पंकज गोयल, राजेश रुहेला, मनमोहन जौहरी, विपिन, सुनीता प्रजापति आदि शामिल रहे।
सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास
भाजपा पार्षदों ने हंगामे के दौरान बोर्ड बैठक में इस बात पर चिंता प्रकट की कि नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों के न होने और घोटालों की शिकायत के चलते सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कई कई महीनों से दिए गए प्रस्तावों के बारे में कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। जिसके कारण लोगों की नाराजगी पार्षदों और पार्टी के प्रति बढ़ रही है। उन्होंने इन बिंदुओं को प्राथमिकता के आधार पर चर्चा में लाकर निराकरण कराने की मांग की।
बैठक में जो हुआ वो दुखद: महापौर सुनीता वर्मा
महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि नगर निगम की बैठक के दौरान पार्षदों के गुटों के बीच जो हुआ और उसके बाद सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर उत्पन्न स्थिति दुखद है। पार्षदों और सफाईकर्मियों को शांति से बात रखने का अधिकार है। लेकिन ऐसे हालात स्वीकार्य नहीं हो सकते। उनके पीआरओ पंकज शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 11-30 बजे बोर्ड की बैठक दुबारा बुलाई जाएगी।
पुन: रीक्षित बजट पर चर्चा से पार्षदों ने किया इनकार
इस मुद्दे पर भी पक्ष विपक्ष के सभी पार्षद एकजुट रहे कि पुन:रीक्षित बजट को बोर्ड बैठक से पहले कार्यकारिणी के समक्ष रखा जाए। यह बजट मुख्य बजट के उपरांत निर्माण या अन्य विकास कार्यों के इस्टीमेट की राशि को बढ़ाने-घटाने के संबंध में संशोधन के लिए लाया जाता है। पार्षदों की एकजुटता के चलते इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो सकी।
नगरायुक्त की सुरक्षा को गए थे सफाईकर्मी: श्रमिक नेता
सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष शिव कुमार नाज का कहना है कि जिस समय सर्वदलीय पार्षद दल के पार्षद बाहर आए, तभी इस तरह की बात कही कि कुछ पार्षद नगर आयुक्त के साथ अभद्रता कर रहे हैं। सफाईकर्मी नगर आयुक्त का पूरा सम्मान करते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए वे सभागार में चले गए।
लेकिन उन्हें आता देखकर नगर आयुक्त सभागार से निकल गए। उनका कहना है कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज देखने से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। अगर सफाई मजदूरों में से किसी ने नगर आयुक्त की शान में कोई गुस्ताखी की, तो इसके लिए सफाई मजदूर यूनियन भर्त्सना करती है। जिसकी पहचान उजागर होने पर उसके खिलाफ संगठन और समाज के स्तर से कार्रवाई की जाएगी।

