Thursday, March 19, 2026
- Advertisement -

राज्यपाल ने की महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के नैक ग्रेडिंग की समीक्षा

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: सूबे की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को राजभवन के प्रज्ञा कक्षा में महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के नैक ग्रेडिंग के लिए तैयार प्रस्तुतिकरण के तीसरे चरण की समीक्षा की। इस दौरान राज्यपाल ने नैक मूल्यांकन की तैयारियों के लिए हेतु गठित कमेटी के समन्वयकों से सभी सातों क्राइटेरिया पर बिंदुवार जानकारी ली तथा प्रस्तुतीकरण को और बेहतर बनाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल ने छात्राओं की सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में ‘हैपीनेस सेंटर’ की स्थापना होनी चाहिए, जिसमें जाकर छात्र-छात्राएं प्रसन्न हो सकें। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय इससे पूर्व वर्ष 2016 में नैक में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त कर चुका है। समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक को बैंक खातों को कम करने के स्पष्ट निर्देश देते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत विविध प्रकार की हो रही एक्टिविटी की सूची बनाने के साथ ही दीनानाथ मिश्र जिनके नाम से इंटर कॉलेज स्थापित है, वहां हो रही एक्टिविटीज का भी उल्लेख फोटो सहित रिपोर्ट में अवश्य समाविष्ट होना चाहिए। जो बच्चे पास हुए हैं, वे किसी संस्था आदि में एब्जॉर्ब हुए, उसका उल्लेख भी रिपोर्ट में आना चाहिए जो एक मॉडल के रूप में दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणादायी बनेगा।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा तथा उनके मार्गदर्शन में आगामी जी-20 की 4 बैठकें फरवरी 2023 से अगस्त 2023 के मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में आहूत की जायेंगी। इस महाईवेंट में हमारे विश्वविद्यालयों को बढ़चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। हमारे विश्वविद्यालय द्वारा कुछ ऐसे छात्र प्रतिनिधियों को नामित किया जाना चाहिए, जो मुख्य रूप से जी-20 में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधियों को पर्यावरण को बेहतर बनाये जाने के संबंध में सरकार द्वारा उठाये गये प्रभावी कदम के बारे में उन्हें विस्तृत जानकारी दे सकें।

इसके साथ ही राज्यपाल ने कहा कि जो भी महत्वपूर्ण जानकारियां जी-20 के सदस्यों के साथ साझा की जा सकती हैं, विश्वविद्यालय उनकी एक अग्रिम सूची बनाकर उस पार युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ कर दे। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में प्रत्येक विश्वविद्यालय द्वारा राजभवन को आपूर्ति की गई पुस्तकें तदुपरांत राजकीय विद्यालयों को लाइब्रेरी बनाने के उद्देश्य से भेंट किए जाने का ब्यौरा रिपोर्ट में अवश्य लिखा जाना चाहिए।

बैठक में रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केपी सिंह के नेतृत्व में प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा पंकज जॉनी, रूसा की सलाहकार एवं सदस्य उपक्रम डा. अंकिता राज तथा विश्वविद्यालय द्वारा नैक तैयारी के लिए गठित टीम के सभी सदस्य तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

अब घबराने का समय आ गया है

हमारे देश में जनता के घबराने का असली कारण...

विनाश के बीच लुप्त होतीं संवेदनाएं

जब विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण के सहारे मानव सभ्यता...

ऊर्जा संकट से इकोनॉमी पर दबाव

वैश्विक अर्थव्यवस्था में जब भी ऊर्जा संकट गहराता है,...

Navratri Fasting Rules: नौ दिन के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, सेहत हो सकती है खराब

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Saharanpur News: राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति सम्मान

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: चमनलाल महाविद्यालय में आयोजित 7वें उत्तराखण्ड...
spot_imgspot_img