Tuesday, April 21, 2026
- Advertisement -

मंहगाई की मार से परेशान है जनता: अखिलेश यादव

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: अखिलेश यादव ने कहा है कि जबसे भाजपा सत्ता में आई है, लोग मंहगाई की मार से परेशान हैं। किसान-गरीब की जिंदगी दूभर हो गई है। भाजपा राज में केवल पूंजीघराने ही पनप रहे है, शेष गरीबी रेखा को बढ़ाते जा रहे है। लगातार दैनिक उपयोग की चीजें महंगी होती जा रही है। लोगों की घरेलू अर्थव्यवस्था बहुत बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कर्ज और निराशा में डूबे परिवार आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। यह स्थिति भयावह और चिंताजनक है।

भाजपा राज में गैस, डीजल, पेट्रोल और घरेलू रसोई गैस के दामों में भारी वृद्धि हुई है। आटा-दाल के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। तेल और खाद्य पदार्थो की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। पिछले एक माह में आटा, दाल के दाम दस रूपए तक बढ़ गए है। रवा, छोला, मैदा, जीरा सब कुछ मंहगा हो गया है। गरीब और मध्यमवर्गीय लोग उपभोग की वस्तुओं के दामों में भारी बढ़ोत्तरी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। वह क्या खाए? और क्या बचाए?

सरकार में सत्ता सुख लूट रहे भाजपा नेतृत्व को उस गरीब की क्या चिंता होगी जिसकी प्रतिदिन की कमाई सौ रूपए से भी कम होती है। दिहाड़ी मजदूर को अक्सर बिना काम घर बैठ जाना पड़ता है। मनरेगा में भ्रष्टाचार और धांधली के चलते अब श्रमिकों को नियमित काम नहीं मिल पा रहा है। भाजपा राज में संविदा पर ही अब सब काम होने लगा है जिसमें न नौकरी की सुरक्षा है और न समय से वेतन मिलने की गारन्टी है।

महंगाई की मार से देश का अन्नदाता किसान भी बहुत परेशान है। प्राकृतिक आपदा के चलते कभी-कभी फसलें बर्बाद हो जाने से किसान भाइयों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बड़े व्यापारी किसान की आर्थिक मजबूरी को देखते हुए उनकी फसलों का संग्रह कर कालाबाजारी का खेल खेलते हैं। भाजपा सरकार की नीतियों से मंहगाई बेलगाम है। भाजपा सरकार की मनमानी के चलते देश में गरीबों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। भाजपा सरकार के रहते महंगाई और भ्रष्टाचार से छुटकारा मुश्किल है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

अगली पीढ़ी के एआई का खाका

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ध्वनि...

12वीं के बाद खुलेंगे कॅरियर के द्वार

डॉ विजय गर्ग भारत में छात्र अक्सर 12वीं कक्षा पूरी...

विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष खुश क्यों है?

पहले भक्त अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे लेकिन...

सड़कें न बनें मौत के रास्ते

सड़कें जीवन को जोड़ने के लिए बनाई जाती हैं,...
spot_imgspot_img