जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए राज्य सरकार ने मंगलवार को मुंबई में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला किया है। साथ ही तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
पिछले दो दिनों में बारिश और तेज हवाओं से राज्य में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक करीब 100 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सबसे अधिक बारिश लोनावला में दर्ज की गई, जहां पिछले 48 घंटों में 625 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा रायगढ़, ठाणे, रत्नागिरी, पालघर और मुंबई के कई हिस्सों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण राज्य की कई नदियां उफान पर हैं। उल्हास, कालू और पिंजल नदियां चेतावनी स्तर पार कर चुकी हैं, जबकि अंबा, सावित्री, कुंडलिका, पातालगंगा और अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बदलापुर, मोहाने और जांभुलपाड़ा में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।
सोमवार को मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक इमारत झुग्गियों पर गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके अलावा पेड़ गिरने, डूबने, इमारत ढहने और भूस्खलन जैसी घटनाओं में भी कई लोगों की जान गई। सिंधुदुर्ग में तेज हवाओं से 30 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि सतारा में भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हो गए।
भूस्खलन के खतरे को देखते हुए माथेरान, लोनावला, खोपोली और लोहागढ़ जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। पुणे जिले के मावल में भूस्खलन से एक मकान प्रभावित हुआ, जबकि तलेगांव-दाभाड़े के पास बाढ़ में फंसी 25 यात्रियों से भरी बस से सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
रायगढ़ जिले में बाढ़ के कारण एक ही परिवार के छह सदस्य, जिनमें छह महीने का शिशु भी शामिल था, घर की छत पर फंस गए थे। राहत टीमों ने नाव की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मुंबई-गोवा हाईवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और खोपोली मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट करना पड़ा, हालांकि बाद में अधिकांश मार्गों पर आवाजाही बहाल कर दी गई।
दूसरी ओर, विदर्भ के वर्धा, अकोला, अमरावती, यवतमाल और चंद्रपुर जैसे जिलों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है।
इधर, दक्षिण गुजरात में भी भारी बारिश का दौर जारी है। सूरत के कामरेज में 154 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सूरत शहर, वलसाड, वापी और आसपास के इलाकों में भी जोरदार बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण और उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र तथा कच्छ के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

