जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: सड़क सुरक्षा मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में है। सड़क सुरक्षा बहुत ही संवेदनशील विषय है। सड़क सुरक्षा जनता से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। इस दिशा में काफी सुधार किये जाने की जरूरत है। इसमें लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया सकता है। यह बातें प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने सड़क सुरक्षा एवं ब्लैक स्पॉट के अल्पकालिक सुधारीकरण के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में शुक्रवार को कहीं।
लोक निर्माण मंत्री ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में 5 जनवरी से 4 फ़रवरी तक मनाए जाने वाले सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा लोक निर्माण विभाग स्थित तथागत सभागार में सड़क सुरक्षा एवं ब्लैक स्पॉट के अल्पकालिक सुधारीकरण के लिए आयोजित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना एवं उससे होने वाली जनहानि को रोकना बहुत ज़रूरी है। सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ख़ानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लापरवाही मिलने पर सम्बंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि रोड सेफ्टी के अन्तर्गत पिछले वर्षों में स्वीकृत एवं वर्तमान में स्वीकृत समस्त कार्यों को प्रत्येक दशा में 31 मार्च तक पूर्ण किया जाय। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट का चिन्हीकरण एवं सुधारीकरण बहुत ही महत्वपूर्ण है। मार्गों के कैरियज-वे पर आने वाले इलेक्ट्रिक पोल एवं पेड़ों को हटाने की कार्यवाही तत्काल की जाय।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली की विशेषज्ञ प्रो. गीतम तिवारी तथा आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञ प्रो. अंकित गुप्ता ने सड़क सुरक्षा एवं ब्लैक स्पॉट के सुधारीकरण विशेषकर अल्पकालिक सुधारीकरण के लिए विस्तार से अपने विचार व्यक्त किये तथा नवीन जानकारियों से सभी अभियंताओं को अवगत कराया।

