Wednesday, April 22, 2026
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राजधानी में 56 हजार करोड़ के निवेश को आगे आए उद्यमी

  • ऑनलाइन माध्यम से दाखिल हुए 331 इंटेंट, जिसमेें से 56299 करोड़ के 262 एमओयू हुए साइन
  • उद्यमी बोले, योगी सरकार में प्रदेश में निवेश को लगेंगे पंख
  • जिलाधिकारी ने उद्यमियों को हर संभव मदद का दिया भरोसा

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-23 से पहले आईजीपी में मंगलवार को एक दिवसीय लखनऊ निवेशक सम्मेलन में 56 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। सम्मेलन का आयोजन जिला प्रशासन और आईआईए लखनऊ चैप्टर की ओर से किया गया। सम्मेलन को चार सेशन में विभाजित किया गया है।

जिसमें निवेश के लिए सरकार की नई पॉलिसियों के साथ-साथ उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए योगी सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश की जानकारी जिलाधिकारी, एलडीए वीसी और सीडीओ द्वारा दी गई। इस दौरान मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एवं विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, राज्य मंत्री जितिन प्रसाद मौजूद रहे। सम्मेलन में ऑनलाइन माध्यम से 331 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 56299 करोड़ के 262 एमओयू साइन
किए गए।

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शालीमार 2 हजार करोड़ का करेगी निवेश

जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि सम्मेलन में शालीमार कार्पोेरेशन लि. द्वारा 2032 करोड़, ओमैक्स लि. द्वारा 1500 करोड़, अमरावती रेजिडेन्सी लि. द्वारा 1400 करोड़, रिसीता डेवेलपर्स प्रा.लि. द्वारा 903 करोड़, सफायर इन्फ्रावेन्चर प्रा.लि. द्वारा 226 करोड़, एरोलाय टेक्नोलॉजी लि. द्वारा 300 करोड़ तथा लैबकैम पैथलैब द्वारा 45 करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किये गये।

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उन्होंने बताया कि निवेश सारथी पोर्टल के ऑनलाइन डाटा के अनुसार अब तक 331 इंटेंट दाखिल किये गए, जिसमें 56299 करोड़ के 262 एमओयू हस्ताक्षरित किये गये। वहीं सम्मेलन को चार तकनीकी सत्र क्रमश: विनिर्माण, टेक्सटाइल, एमएसएमई तथा औद्योगिक निवेश, कृषि डेयरी एवं फूड प्रोसेसिंग तथा जैव ऊर्जा, हाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक एवं पर्यटन की नई पॉलिसियों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही उद्यमियों की सहायता के लिए विभिन्न विभागों द्वारा स्टाॅल भी लगाये गये।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में आज आईजीपी में लोकल इन्वेस्टर्स के लिए निवेशक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी तादाद में उद्यमी भाइयों ने हिस्सा लिया और 50 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए। सम्मेलन में विभिन्न सेशन के माध्यम से उद्यमियों को योगी सरकार की नीतियों से अवगत कराया गया। अब अगले चरण में इन एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए प्रयास शुरू कर दिए जाएंगे। मैं उद्यमी भाइयों को सरकार की आेर से यह विश्वास दिलाता हूं कि जिला प्रशासन उनके साथ है। उन्हे यहां व्यवसाय करने में कोई समस्या नहीं होगी। उनकी हर जरूरत को समय रहते पूरा किया जाएगा। सम्मेलन के जरिए जो प्रयास किया गया है उससे निश्चित ही प्रदेश को ग्रोथ मिलेगी और इस ग्रोथ में राजधानी लखनऊ का अहम रोल साबित होगा।                                                             सूर्यपाल गंगवार, जिलाधिकारी, लखनऊ

निवेशकों से बातचीत

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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में उद्योगों के हित में जो निणर्य लिया गया है वह अत्यन्त प्रशंसनीय एवं विकास को गति देने वाला निणर्य है। सरकार द्वारा किसी इण्डस्ट्री में काम के शुररुआत से पहले नक्शे को पास करने, लैण्ड यूज सम्बन्घी, सिंगल विंडो के माध्यम से लाईसेंस प्रक्रिया को सरल करने तथा इण्डस्टी लगने के दौरान ही सब्सिडी पास करने वाली सुविधायें उद्योगों के लिये अति उत्साहवधर्क है तथा प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने वाला है तथा 1 ट्रिलियन अथर्व्यवस्था की तरफ बढ़ने वाला कदम है।                   
रवीन्द्र सिंह, डायरेक्टर, मोरैसी फामार्स्युटिकल्स प्रा.लि.

Rahul
योगी सरकार द्वारा प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सेक्टर के लिए जो नई पॉलिसियां जारी की गई हैं उससे निवेशक प्रदेश में आने के लिए काफी उत्साहित हैं। इन पॉलिसियों में उद्यमियों को पहले की अपेक्षा काफी रियायतें दी गई हैं। वहीं यह सरकार पिछली सरकारों की अपेक्षा हम पर ज्यादा ध्यान दे रही है। इसके साथ ही उद्यमियों की समस्या को ऑनलाइन निपटाने पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है, जिससे हमारा समय भी बच रहा है और दौड़भाग से भी छुटकारा मिला है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी काे बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं।                –
राहुल, ओनर, सत्यम फूड्स

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