- मकर संक्रांति सभी संक्रांतियों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण, 15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्राति
जनवाणी संवाददाता |
बिजनौर: मकर संक्रांति साल का पहला बड़ा त्यौहार होता है। जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे मकर संक्रांति कहते हैं। साल में 12 संक्रांति होती हैं परंतु मकर संक्रांति सभी संक्रांतियों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। सूर्य देव ही एक ऐसे देव हैं जो कि पृथ्वी पर सभी जीवित प्राणियों का पोषण करते हैं। पिता और पुत्र के आपसी मतभेद को दूर करने के लिए सूर्य देव मकर संक्रांति के दिन शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति से देवताओं का दिन आरंभ हो जाता है। इस साल यह खास संयोग बन रहा है कि जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे तब शनिदेव भी अपनी मकर राशि में विराजमान होंगे। पिता पुत्र दोनों एक साथ मकर राशि में विराजमान रहेंगे।

