- एक महीने में चार बार हो चुकी है बढ़ोत्तरी, लगातार बढ़ रहे आटे के दाम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अब आम आदमी के थाली की रोटी भी महंगी होती जा रही है। रोटी पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। लगातार महंगे हो रहे गेहंू के चलते खुदरा बाजार में आटा महंगा होता जा रहा है। देश में लगातार महंगाई बढ़ने से आम आदमी की थाली पर काफी असर पड़ रहा है। खाद्य सामाग्री की रेट में काफी इजाफा हुआ है। तेल से लेकर आलू तक के रेट आसमान छू रहे हैं।
ऐसे में आम आदमी का दो जून की रोटी खाना भी मुहाल हो गया है। रोटी पर आम आदमी के लिए संकट खड़ा हो गया है। पेट्रोल-डीजल के दाम भले ही स्थिर हो, लेकिन आटे के दाम लगातार बढ़ रहे है। ऐसे में लोगों की थाली से रोटियां कम होती जा रही है। आटा पहले के मुकाबले प्रति किलो एक रुपये और महंगा हो गया है। बाजार में प्रति 35 रुपये किलो बिकने वाला आटा अब 36 रुपये किलो मिल रहा है। ऐसे में ब्रेड के रेट भी बढ़ गए है। कच्चे माल में तेजी के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है।
हालांकि कुछ कंपनियों ने वस्तुओं का वजन भी कम कर दिया हैं, लेकिन सामान महंगा नहीं किया है। इससे जनता को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। जनवरी में आटे के तीन से चार बार रेट बढ़ चुके हैं। बढ़ती महंगाई के कारण लोग परेशान है और गृहणियों का बजट भी बिगड़ रहा है। लालकुर्ती स्थित वाधवा किराना स्टोर के संचालक नरेश वाधवा ने बताया कि एक माह में 32 से सीधा 36 रुपये प्रति किलो पर रेट पहुंच गया है। प्रदेश में गेहूं की कमी होने के कारण इसबार औसतन चार बार गेहंू के रेट में बढ़ोत्तरी हुई है।
पिछले साल नवंबर और दिसंबर में 10 किलो के आटे के थैले की कीमत 300 थी, जोकि जनवरी में 360 रुपये हो गई है। आटा महंगा होने की वजह से ब्रेड के भी दाम बढ़ गए हैं। अब 700 ग्राम ब्रेड के पैकेट की कीमत दो दिन पहले 50 रुपये थी, जोकि अब 52 हो गई है। जबकि ब्राउन ब्रेड की कीमत 50 से 55 रुपये हो गई है। इसके अलावा मेदा के रेट भी बढ़Þे हैं।
एक माह में 20% तक तेजी
गेहूं महंगा होने से आटा, मैदा और सूजी भाव भी महीने भर में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए है। सरकार से ओपन मार्केट में गेहूं बेचने की उम्मीद कर रहे मिल मालिकों ने भी अब महंगे दाम पर गेहंू खरीदना शुरू कर दिया हैं, जिसकी वजह से आटे के दाम में इजाफा होना संभव है।
ये बोलीं-गृहणियां
रीना सिंघल ने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। जिसकी वजह से सबसे ज्यादा परेशानी गृहणियों को उठानी पड़ रही है। महीने का राशन लेने जाने पर ही पता चलता है कि इस बार किस सामान के दाम में इजाफा हुआ है।
प्रतिभा कोठारी का कहना है कि खाने-पीने के सामानों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। आटा लगातार बढ़ रहा है। महंगाई की वजह से रसोई का बजट हर माह बिगड़ जाता है, जबकि पहले ऐसा नहीं हो रहा था।
अलका का कहना है कि दाल आदि के दामों में कमी आई तो आटा लगातार बढ़ रहा है। महंगाई तो कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।

