- वेतनभोगियों को आयकर में राहत देकर संदेश दिया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वेस्ट यूपी के सबसे बड़े कालेज मेरठ कालेज के शिक्षकों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट को चुनावी बजट बताते हुए इसे वेतनभोगियों का मददगार बताया है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर दिया है जो विकास की ओर संकेत करता है।
मेरठ कालेज के प्रोफेसर धर्मेन्द्र यादव का कहना है विकासपरक बजट है। सरकार ने वेतनभोगियों का विशेष ख्याल रखा है। हर क्षेत्र को कुछ न कुछ देने की कोशिश की है। प्रोफेसर अतुल यादव का कहना है कि बजट बहुत अच्छा है, लेकिन सरकार ने महंगाई का मुद्दा ही नहीं उठाया। वेतनभोगियों को राहत दी गई है, लेकिन कई सेक्टरों को टच तक नहीं किया गया है।
प्रोफेसर दिग्विजय सिंह का कहना है कि हमारे हिसाब से वेतनभोगियों के लिये बहुत अच्छा किया है और बजट में सभी को खुश रखने की कोशिश की गई। बजट 2024 के चुनाव की आहट करा रहा है। इसके हिसाब से बजट बनाया गया है। मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है। बजट में कर चोरी करने वालों का जिक्र नहीं किया गया है।

नौकरी पेशा वाले ज्यादा फायदे में दिख रहा है। प्रोफेसर सीमा मलिक का कहना है कि सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर दिया है, इससे विकास की संभावना बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। सरकार ने कोई कटौती नहीं की है। प्रोफेसर योगेश का कहना है कि सरकार बजट में हर किसी को संतुष्ट नहीं कर सकती है। वेतनभोगियों को संतुष्ट कर दिया है। बजट में बताया गया कि पांचवीं बड़ी आर्थिक शक्ति बन गए हैं। बजट में चुनाव को ध्यान में रखकर घोषणाएं की गई है।
सीए की नजर में बजट में कई सेक्टर नजरअंदाज
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट में भले ही कुछ क्षेत्रों में राहत की बारिश की गई हो लेकिन कई सेक्टर अछूते छोड़ दिये गए हैं। इस बजट को लेकर हर वर्ग की अपनी प्रतिक्रियाएं है लेकिन चाटर्ड एकाउंटेंटस इस बजट को अपने नजरिये से देख रहे हैं। इनका कहना है कि सरकार ने बजट में कई क्षेत्रों को अनछुआ कर दिया और बेरोजगारी को दूर करने के लिये कोई बात नहीं की।
सीए अनुपम शर्मा का कहना है कि सरकार का यह चुनाव के पहले का आखिरी बजट है। इसे चुनावी बजट कहना चाहिये। इस बजट में सरकार ने बोला बहुत मगर दिया बहुत कम। आयकर की बात करें तो आयकर के दो स्लैब है एक पुराना और दूसरा नया। सरकार पुराने स्लैब वालों को भूल गई तथा उनकी दरों में कोई बदलाव नहीं किया। नये टैक्स स्लैब में बदलाव किया है।
उसे अपना रहे करदाताओं को राहत दी है। अब उसे कम टैक्स देना पड़ेगा। सरकार के द्वारा कमिश्नर अपील के पास लंबित मामलों को निपटाने की दिशा में किया गया प्रयास सराहनीय है। इससे व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी। नये रोजगार के अवसर कैसे पैदा हों इसका जिक्र तक नहीं किया गया है।
सीए कंचन कपूर भाटिया का कहना है कि सरकार के इस बजट से नौकरी पेशा वालों को ज्यादा फायदा होगा जो नये स्लैब को अपनाएंगे। सरकार ने इन्फ्रास्टक्चर पर ज्यादा जोर दिया है। चुनावी बजट होने के कारण हर वर्ग को खुश करने की मजबूरी भी है सरकार की।
वहीं सरकार ने इस बात का जिक्र नहीं किया कि बेरोजगार युवाओं के लिये क्या योजनाएं है। सरकार ने जीएसटी को लेकर कुछ नहीं बोला। व्यापारी वर्ग सोच रहा था कि पेनाल्टी को कम किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एमएसएमई को लेकर जरुर सरकार चिंतित दिखी। कुल मिलाकर चुनावी बजट जैसा होना चाहिये वैसा निकला।
नए आयाम स्थापित करने में सक्षम होंगे कुटीर उद्योग: आईआईए
आईआईए के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बजट का खुले मन से स्वागत करते हुए कहा कि बजट मे नये उद्यमियों को प्रोत्साहन के रूप में इनकम टैक्स में एक वर्ष के लिए छूट दी गई है। जिससे नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। आईआईए भवन मेरठ पर, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए आम बजट 2023-24 का लाइव प्रसारण देखा गया।
जिसमें आईआईए मेरठ के अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल के साथ पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य एएन मलहोत्रा, संजीव मित्तल, अतुल भूषण गुप्ता व अश्वनी गुप्ता आदि ने बजट पर चर्चा की। सभी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री के प्रस्तावित बजट की खुले मन से सराहना की।
कहा गया कि वेतन भोगियों को आयकर मे उचित छूट दी गयी। सरकार की गोबरधन योजना से अब देश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। बुजुर्गों की बचत धनराशि पर आयकर से छूट दी गई। कृषि को बढ़ावा देने के लिए सहायता राशि को बढ़ाया गया है। एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज पर धन की व्यवस्था की गई। सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है।
जिससे नए रोजगार स्थापित करने में सहायता मिलेगी। वायु परिवहन को बढ़ाने के लिए नए एयरपोर्ट व रेलवे के बजट में वृद्धि की गई। आईआईए परिवार के अनुसार सरकार ने बजट को हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया जिससे सभी वर्गों को लाभ व उत्थान के रास्ते खुलेंगे। कुटीर उद्योग केन्द्र सरकार की घोषणा से नए आयाम स्थापित करने मे सक्षम होंगे।

