- घटना के विरोध में ग्रामीणों ने किया हंगामा,
- मिल पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, छह घंटे तक नहीं उठने दिया शव
- आर्थिक मदद के बाद निपटा मामला, शव पीएम को भेजा
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: सोमवार देर रात मेरठ रोड स्थित पेपर मिल में एक श्रमिक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मंगलवार सुबह ग्रामीणों को मामले का पता चला तो बड़ी संख्या में मिल पहुंच गए। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। इतना ही नहीं नाराज ग्रामीणों ने मशीनें बंद करा दी।ग्रामीण युवक की हत्या के बाद शव बॉयलर में फेंकने का आरोप लगा रहे थे।
ग्रामीणों ने करीब छह घंटे तक शव को नहीं उठने दिया। एसडीएम व सीएम समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। खूब गहमा गहमी के बाद मिल प्रशासन द्वारा मृतक परिवार की आर्थिक मदद की गई। तब जाकर मामला निपटा। सरकारी मदद दिलाने के लिए पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं मृतक पक्ष ने प्रार्थना पत्र देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने से इंकार कर दिया।

कोतवाली क्षेत्र के अटेरना गांव निवासी 22 वर्षीय तोमेश पुत्र राकेश मेरठ रोड स्थित पेपर मिल में मजदूरी करता था। सोमवार की रात संदिग्ध परिस्थिति में श्रमिक की मौत हो गई। आरोप है कि देर रात की घटना की सूचना मिल प्रशासन ने सुबह तक भी परिजनों को नहीं दी। मिल में काम करने वाले गांव के अन्य युवकों ने उसके परिजनों को फोन करके जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन व सैकड़ों ग्रामीण मिल पहुंच गए। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया।
ग्रामीणों ने युवक की हत्या कर शव बॉयलर में डालने का आरोप लगाया। आरोप था कि गांव के अन्य युवकों ने इसका विरोध किया तो उन्हें काम से निकलने की धमकी दी गई। सूचना पर एसडीएम पीपी राठौर व सीओ बृजेश सिंह समेत कई थानों की र्फोस मौके पर पहुंच गई। करीब छ: घंटे तक ग्रामीणों ने शव को नहीं उठाने दिया। घंटों मीटिंग के बाद मिल प्रशासन ने मृतक परिवार की तत्काल आर्थिक मदद की। साथ ही अधिकारियों ने सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला निपटा।

तब जाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक पक्ष ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने से इंकार कर दिया। इस संबंध में सीओ बृजेश सिंह का कहना है कि पेपर मिल में एक श्रमिक की मौत हो गई थी। मिल प्रशासन द्वारा मृतक के परिवार की आर्थिक मदद की गई है। प्रशासन द्वारा भी हर संभव मदद कराई जाएगी। मृतक के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराने से इंकार कर दिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज
युवक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। मिल प्रशासन मौत का कारण हादसा बता रहा है, जबकि घटनास्थल देखकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है। पीएम रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
शव ठिकाने लगाने का आरोप
ग्रामीणों को मिल में कई जगह खून पड़ा हुआ मिला। जहां युवक काम करता था, शव उससे काफी दूर मिला। जो रास्ता बॉयलर की ओर जाता है। इसी कारण से ग्रामीण हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने का आरोप लगा रहे थे।
बाकी साथियों को दी धमकी
ग्रामीणों का कहना था कि देर रात हुई घटना को मिल प्रशासन ने सुबह तक भी खबर नहीं दी। मिल में काम करने वाले बाकी युवकों ने कुछ लोगों को शव बॉयलर की ओर ले जाते हुए देखा तो उन्होंने वीडियो बनाने की कोशिश की। मगर युवक का मोबाइल छीन लिया। साथ ही उसे काम से निकालने की धमकी दी। मगर युवकों में इस बात की परवाह किये बिना गांव में सूचना कर दी। जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ मिल पहुंची।
कंकरखेड़ा एरिया में ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत
कंकरखेड़ा: थाना क्षेत्र के पावली फाटक पर मंगलवार शाम ट्रेन से कटकर एक बुजुर्ग की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने लोगों से मृतक की पहचान कराई। कुछ देर बाद बुजुर्ग की पहचान पल्लवपुरम फेज दो डबल स्टोरी निवासी लगभग 70 वर्षीय धर्मपाल के रूप में हुई।
मृतक के बेटे सुनील ने पुलिस को बताया कि उसके पिता साइकिल से किसी काम से पावलीखास जा रहे थे। उसके पिता को सुनाई नहीं देता था। रेलवे ट्रैक पार करते समय उसके पिता ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया।

