Wednesday, April 22, 2026
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जेईई मेंस में जुड़वा भाइयों ने दिखाया कमाल

  • आल इंडिया में निपुन ने 13वीं और निकुंज ने 58वीं रैंक की हासिल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कठिन परिश्रम से हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है यह कथन हम सभी जानते हैं, लेकिन इसके लिए निरंतर प्रयास करना जरुरी होता है। जेईई मेंस में दो जुड़वा भाईयों ने इस कथन को सच कर दिखाया है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हम लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है। जेईई मेंस में आॅल इंडिया में निपुन ने 13वीं और निकुंज ने 58वीं रैंक हासिल की है। वहीं फीटीजी के अन्य छात्रों ने भी जेईई में अपना परचम लहराया है।

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भव्य बंसल ने 497, दक्ष गोयल ने 951, यश जैन ने 976, अपूर्व भारद्वाज ने 2186, अग्रिम जैन ने 2697, वत्सल त्यागी ने 2984, सत्यम शर्मा ने 3143, आदित्य राठी ने 3648, अनुम सिद्दीकी ने 3851, हिमांशु कुमार ने 4062, राघव कुमार ने 4599, आर्यन पुनिया ने 4800, शाश्वत चौधरी 5136, रणविजय त्यागी 5552, आर्यमन 6788 और राहुल ने 8083 रैंक प्राप्त कर जेईई मेंस में सफलता हासिल की है।

ऐसे में अब कुल 113 छात्र-छात्राएं जेईई एडवांस की परीक्षा दे सकेंगे। फिटजी सेंटर हेड कुमार गौरव ने बताया कि सेंटर से कुल 18 छात्रों ने टॉप 10,000 जनरल कैटेगरी में रैंक प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। इसके बाद अब छात्र एनआईटीएस, आईआईटी एवं बीटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश पा सकेंगे।

मुबंई और दिल्ली के कॉलेज में प्रवेश लेना है लक्ष्य

जेईई मेंस में आॅल इंडिया में 13वीं व 58वीं रैंक हासिल करने वाले हापुड़Þ के जुड़Þवा भाई निपुन और निकुंज गोयल का कहना है कि अब उनका लक्ष्य केवल जेईई एडवांस में सफलता प्राप्त करना है। क्योंकि उनको मुबंई या फिर दिल्ली के कॉलेज से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करनी है। बता दें कि जेईई एडवांस की परीक्षा 4 जून को है और 18 जून को परीक्षा परिणाम जारी होगा।

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निकुंज का कहना है कि सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य की ओर फोकस करना जरूरी होता है। इस समय वह शिक्षकों द्वारा दिए जा रहे ज्ञान को अर्जित करने में लगे हुए ताकि आगे का लक्ष्य हासिल कर सकेंगे। निकुंज ने बताया कि उनको एक दिन मिट जाएगा माटी के मोर गीत सुनना बेहद पसंद है और वह ड्राइंग में भी काफी रुचि रखते है। वहीं निपुन ने बताया कि उनको बॉस्केटबॉल खेलना पसंद था,

लेकिन पढ़ाई की वजह से बीच में छोड़ दिया जेईई एडवांस के बाद वह फिर से खेलना शुरु करेंगे। वहीं निपुन को रश्मिरती पढ़ना पसंद है क्योंकि उसमें वह सब दिया है जो महाभारत में नहीं दिया गया है। दोनों भाईयों ने महाभारत और रामायण का भी अध्ययन कर रखा है।

इंजीनियर नहीं साइंटिस्ट बनने का है सपना

गंगानगर निवासी भव्य बंसल ने जेईई मेंस में 497वीं रैंक हासिल की है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य केवल साइंटिस्ट बनना है। उनके पिता पारितोष बसंल बिजनेस मेन है और माता अंजू कंपनी सेक्रट्ररी है। रिसर्च के लिए भव्य बैंगलोर जाना चाहते हैं।

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