- बागपत रोड पर शोपीस बनी स्ट्रीट लाइट
- रात के समय सड़क पर रोशनी न होने के कारण दुर्घटना का रहता है डर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में विकास करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, जिसमें अधिकारियों को निर्देश देकर जनता से जुड़ी सभी सुविधाओं को तत्काल चालू करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन सिस्टम में फिर भी कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा। जिसका जीता जागता उदाहरण है बागपत रोड। यहां स्ट्रीट लाइट बंद है।
बागपत रोड पर रात में अंधेरा पसरा रहता है। आठ बजे के बाद वाहन चालकों के लिए यहां से निकलना किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। क्योंकि एक तो सड़क में गड्ढे ऊपर से स्ट्रीट लाइट चालू नहीं होने के कारण रात को गुप अंधेरा छाया रहता है। जिससे वाहन चालकों को वाहन चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर को रोशन करने के लिए लगी स्ट्रीट लाइट शोपीस बनकर रह गई हैं। लोगों को उम्मीद थी कि बागपत रोड पर स्ट्रीट लाइट लगने से स्थानीय लोगों को काफी सुकून मिलेगा, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण शाम होते ही बागपत रोड अंधेरे में डूबा जाती है। शहरवासियों का कहना है कि अगर स्ट्रीट लाइट जल्द रोशन नहीं होगी तो असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर किसी भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
स्ट्रीट लाइट तो है, जो बनी है शोपीस
मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए)ने लाखों खर्च कर स्ट्रीट लाइट तो लगा दी, मगर रोशन नहीं हो पा रही है। छह माह पहले ही ये स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इसके बावजूद जलती नहीं है। स्ट्रीट लाइट सिर्फ कुछ ही दिनों तक जली। अब हालात यह हैं कि बागपत रोड पर आधी रोड पर तो लाइट जलती है, आधी रोड पर घूप अंधेरा छा जाता है। सबसे ज्यादा बुरे हालात उस जगह के पास है, जहां सड़क गड्ढों में धंसी हुई है। हालांकि जहां सड़क की हालत ज्यादा खराब है, वहां पर सड़क बनाई जा रही है, लेकिन वहां भी अंधेरा रहता है जिससे कि काफी डर बना रहता है।
कोहरे में रहता है एक्सीडेंट का खतरा
सर्दी ने दस्तक दे दी है। ऐसे में कोहरा भी पड़ेगा। इसके बावजूद अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। बागपत रोड पूरी तरीके से कोहरे की चादर में छा जाता है। ऐसे में अगर जल्दी स्ट्रीट लाइट को सही नहीं कराया गया तो बागपत रोड पर एक्सीडेंट की घटनाएं भी देखने को मिलेंगी। क्योंकि कोहरे में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
मलियाना ओवर ब्रिज पर भी दुर्घटना घट चुकी है। फिर भी अधिकारियों ने इस तरफ से आंखें मूंद ली है। जब लाखों रुपये खर्च करने के बाद स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। इसको लेकर एमडीए अफसर लापरवाह क्यों बने हुए हैं? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खजाने से धन भी खर्च हो गए, फिर भी जनता को स्ट्रीट लाइट की सुविधा मय्यसर नहीं हो रही है।

