
इंटरनेट एक बहुत शक्तिशाली व्यापार मंच है। बहुत से लोग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी आमदनी सृजित करने में सक्षम हैं, आज डिजिटल होती दुनिया में रोजगार की परिभाषा और कार्य का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। एक नई वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से उभरकर सामने आ रही है, जिसको नाम दिया जा रहा है ‘गिग इकॉनोमी’ का। गिग इकॉनोमी एक मुक्त बाजार प्रणाली है जिसमें आम रूप से अस्थायी कार्य अवसर मौजूद होते हैं और विभिन्न संगठन अल्पकालिक संलग्नताओं के लिए स्वतंत्र कर्मियों के साथ अनुबंध करते हैं। वित्तीय सेवा मंच (फाइनेंशियल सर्विसेस प्लेटफॉर्म) ‘स्ट्राइडवन’ द्वारा इस महीने जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 तक, भारत के कुल कार्यबल का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा ‘गिग सेक्टर’ से होने की उम्मीद है।