- अफसरों की सत्यनिष्ठा पर संदेह पैदा हो रहा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: स्थानीय अफसर शासन से भी बड़े हो गए हैं। कई सरकारी विभाग ऐसे हैं, जहां पर शासन के आदेश के बाद भी अफसरों का तबादला होने के बाद भी रिलीव नहीं किया जा रहा हैं। इसमें मेरठ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी शामिल हैं। तबादला तो तीन माह पहले शासन ने कर दिया था, लेकिन अभी तक इन्हें रिलीव नहीं किया गया हैं। आखिर रिलीव नहीं करने के पीछे क्या मजबूरी हैं? ये किसी के भी समझ में नहीं आ रही हैं। इसको लेकर अफसरों की सत्यनिष्ठा पर संदेह पैदा हो रहा हैं।
मेरठ विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता फौजदार सिंह और अमित तोमर का तबादला शासन स्तर से हुआ था। तीन माह बीतने के बाद भी इनको प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने रिलीव नहीं किया हैं। स्टाफ की कमी हैं या फिर वजह कुछ और हैं। इसी तरह से सिंचाई विभाग में पतरोल विनय कुमार का मामला हैं। उनका भी तबादला हो चुका हैं, लेकिन उन्हें रिलीव नहीं किया गया हैं। नगर निगम में तीन ऐसे कर्मचारी हैं, जिनका शासन स्तर से तबादला हुआ, लेकिन उनको रिलीव नहीं किया गया। ये तबादला हुआ तीन माह बीत गए हैं।
इसका समाचार ‘जनवाणी’ प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था, फिर भी निगम अफसरों के कानों पर जूं नहीं रैंगी। नगर निगम में भी स्टाफ की कहीं कोई कमी नहीं हैं, फिर भी जबरिया एक तरह से इनको रोक कर रखा गया हैं। पीडब्ल्यूडी में अवर अभियंता व एई के तीन तबादले हुए हैं। इनमें से एक को भी पीडब्लयूडी के एक्सईएन व एसई ने रिलीव नहीं किया हैं। जिन एई और जेई के तबादले हो चुके हैं, उनसे ही काम लिया जा रहा हैं। रिलीव क्यों नहीं किया, ये समझ नहीं आ रहा हैं। एक ही स्थान पर कई वर्षों से पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर जमे हुए हैं।
2000 के नोट का आज आखिरी दिन
मेरठ: शनिवार यानि 30 सितंबर दो हजार के नोट के लिए अधीकृत रूप से आखिरी दिन होने वाला है। आरबीआई के मुताबिक शनिवार 30 सितंबर तक 2000 के नोटों को बदला जा सकता है। शनिवार के बाद इन नोट को बैंकों में एक्सचेंज/डिपॉजिट नहीं किया जा सकेगा। गौरतलब है कि इस वर्ष मई के महीने में आरबीआई ने एक निर्णय लिया, जिसके मुताबिक बैंकों को तत्काल प्रभाव से 2000 रुपये के नोट जारी न करने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही बैंकों को दो हजार रुपये के नोट बदलने को लेकर भी निर्देश दिए गए। इस आदेश के मुताबिक, 23 मई से 30 सितंबर 2023 तक दो हजार रुपये के नोट को अन्य नोटों में बदलवाने या अपने खाते में जमा कराने की व्यवस्था दी गई। अब वह तिथि आ पहुंची है, जब दो हजार के नोट का कहीं भी लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि बीते चार महीनों की अवधि में बैंकों में नोट बदलवाने के लिए किसी प्रकार की लाइन लगने
या अफरा-तफरी मचने जैसे हालात भी नहीं बने हैं। अग्रणी बैंक प्रबंधक सुशील कुमार मजूमदार ने बताया कि 30 सितंबर की तिथि से आगे दो हजार के नोट बैंकों में लिए जाने के संबंध में कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के पास दो हजार रुपये के नोट अभी तक बचे हैं, तो वह शनिवार को इन्हें अपने खातों में जमा कराने या बदलवाने के लिए संपर्क कर सकते हैं।

