- एडीजी, आईजी व एसएसपी तक सड़कों पर, बेगमपुल पर किया कैंप
- एमआईएम के नेताओं के पास घनघनाए पुलिस अधिकारियों के फोन
- ड्रोन कैमरोें से भी रखी गई मस्जिदों की गतिविधियों पर कड़ी नजर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: इजराइल और हमास के बीच चल रहे भीषण युद्ध को देखते हुए जुमे पर अलर्ट किया गया था। एलआईयू को इनपुट मिला था कि मुस्लिम संगठन इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं। जिसके चलते पूरे जिले को अलर्ट कर दिया गया था। शहर के थानों की पुलिस संवेदनशील व मिश्रित स्थानों पर पूरी तरह मुस्तैद होकर चौकन्नी रही।
शुक्रवार को जुमे की नमाज पर पुलिस को अलर्ट किया गया था।
संभावना थी कि इजराइल हमास के बीच चल रही जंग को लेकर कहीं शहर में कोई मुस्लिम संगठन या संस्था कोई धरना प्रदर्शन न कर दे। हालांकि एलआईयू को भी यह अंदेशा था कि मुस्लिम इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। इस लिहाज से शहर के हापुड़ अड्डा चौराहे पर लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी नरेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ मुस्तैदी के साथ किसी भी तरह के प्रदर्शन से निपटने के लिए तैयार थे।
इसके अलावा शहर के थाना प्रभारियों को जुमे की नमाज तक सतर्कता बरतने के निर्देश एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने दिए थे। जिसके चलते शहर और देहात में सभी थाना प्रभारियों ने अपने अपने क्षेत्र में जुमे की नमाज होने तक पूरी तत्परता से मुस्तैदी दिखाई। शाम होने तक कंही भी किसी भी तरह के प्रदर्शन की सूचना पुलिस को नहीं मिली थी।
फलस्तीन के लिए आंखे नम, सिर्फ दुआएं
इजराइल व फलस्तीन के बीच जारी जंग को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शहर में कहीं कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। जुमे की नमाज भी शांतिपूर्ण ढंग से अदा कर ली गई। विभिन्न मस्जिदों मे जरूर फलस्तीन और वहां के लोगों के लिए हमदर्दी बतौर दुआएं की गर्इं। नमाज सम्पन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। एडीजी राजीव सभरवाल, आईजी नचिकेत झा व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण सहित कई आला अफसर सड़कों पर मूव करते रहे।
एडीजी, आईजी व एसएसपी ने काफी देर तक बेगमपुल पर कैंप किया। उधर दूसरी ओर शहर की बड़ीमस्जिदों के इर्द गिर्द जहां सुरक्षा की कड़े बंदोबस्त किए गए थे वहीं कई मस्जिदों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। बताते चलें कि शुक्रवार को पूरे प्रदेश में जुमे की नमाज को देखते हुए हाई एलर्ट घोषित किया गया था। हापुड़ रोड, इमलियान, शाहपीर गेट, जाकिर कॉलोनी, खैर नगर, कोतवाली, घंटाघर, गोला कुंआ व भुमिया पुल पर सुरक्षा के कड़े इंतेजाम थे।

गुरुवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इजराइल और फलस्तीन के मुद्दे पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी थी कि जुमे की नमाज के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए तथा धर्म गुरूओं से मिलकर यह सुनिश्चत किया जाए कि न तो कोई विरोध प्रदर्शन हो और न ही किसी भी स्तर से कोई उन्मादी बयान आने पाए। इसी सख्ती के चलते ही शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान कहीं से भी कोई उत्तेजक बयान नहीं आया। हांलाकि पता यह चला है कि कुछ मुस्लिम संगठन शहर में जुमे की नमाज के बाद इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे
लेकिन शासन प्रशासन की सख्ती के चलते वो इसमें कामयाब नहीं हो पाए। उधर स्थानीय पुलिस अधिकारी धार्मिक नेताओं के सम्पर्क में भी रहे। कुछ अधिकारियों ने उलेमाओं से भी सम्पर्क किया। इसके अलावा एआईएमआईएम (आॅल इण्डिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिीमीन) के नेताओं से भी पुलिस अधिकारियों ने सुबह ही सम्पर्क स्थापित कर लिया था। पार्टी के जिलाध्यक्षा फहीम अहमद ने बताया कि पार्टी के शहर अध्यक्ष इमरान अंसारी के पास सुबह ही एसपी सिटी दफ्तर से फोन आ गया था।
शहर में संवेदनशील स्थानों व मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में तथा बड़ी मस्जिदों के इर्द गिर्द जुमे की नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही। सभी सीओ और थानेदारों को पूरे एलर्ट पर रखा गया था। एलआईयू भी सक्रिय थी। सोशल मीडिया पर भी पैनी निगाह रखी जा रही थी। कई मस्जिदों के बाहर सिविल डिफेंस से जुड़े लोगों को भी लगाया गया था।
जंग बंद होनी चाहिए, हम सिर्फ दुआएं कर सकते हैं: उलेमा
इजराइल व फलस्तीन के बीच छिड़ी जंग को लेकर उलेमाओं की एक ही राय है कि जंग बंद होनी चाहिए। शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन व आॅल इण्डिया मिल्ली काउंसिल के शहर अध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने जुमे की नमाज के दौरान शाही जामा मस्जिद में कहा कि जंग किसी भी मसले का हल नहीं है। इससे दोनों देशों में जान व माल का नुकसान होता है, छोटे बच्चे इसका बेवजह शिकार होते हैं। लिहाजा जंग बंद होनी चाहिए।
शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान नमाजियों को खिताब करते हुए शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन सिद्दीकी ने कहा कि कुछ ही दिनों की जंग में अब तक दोनों देशों के हजारों बेकसूर लोग भी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और हम सब मिलकर सिर्फ यही दुआ कर सकते हैं कि यह जंग रूक जाए। उधर कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने मुसलमानों से अपील की कि वो फलस्तीन के लिए दुआएं करें।
उन्होंने कहा कि जंग किसी भी मसले का स्थायी हल नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुसलमान फलस्तीन के हक में दुआएं करें। इसके अलावा शहर की विभिन्न मस्जिदों में फलस्तीन और वहां के नागरिकों की सलामती के लिए दुआएं की गर्इं। बताते चलें कि विभिन्न बड़े मुस्लिम संगठनों ने देश भर में जुमे की नमाज के दौरान यौम ए दुआ की अपील की थी।

