- करोड़ों का सोना लेकर फरार हैं बंगाली कारीगर, पुलिस ढूंढने में सबसे फिसड्डी
- सर्राफ व्यापारियों में पुलिस की कार्यशैली पर आक्रोश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में 15 दिन पहले सोने चांदी की ज्वैलरी बनाने वाला एक बंगाली कारीगर दस लाख कीमत का सोना लेकर फरार हो गया। सोना लेकर फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। बल्कि हाल ही के कुछ महीनों में शातिर बंगाली कारीगरों ने ज्वैलरी बनाने के नाम पर सर्राफ के पास से आये डेढ़ करोड़ के सोने पर हाथ साफ कर दिया। इतना ही नहीं ये कारीगर बंगाल में जाकर छिप गये,
लेकिन सबसे ज्यादा हैरत इस बात की है कि पुलिस अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा हुई इन घटनाओं में एक भी कारीगर को गिरफ्तार नहीं कर पाई। बल्कि एक ग्राम सोना भी पुलिस ने बरामद किया। करोड़ों की इन घटनाओं के खुलासे पर पुलिस की चुप्पी और जांच आश्वासन पर सर्राफ व्यापारियों में आक्रोश है।
शहर के विभिन्न सराफा व्यापारियों और ज्वैलरी तैयार कराने वाले व्यापारियों के साथ हाल ही में बंगाली कारीगरों द्वारा उनका सोना लेकर फरार होने की घटनाएं बढ़ी हैं। जिसको लेकर शहर के सराफा व्यापारियों में भय का माहौल है। देहली गेट क्षेत्र और कोतवाली क्षेत्र सहित टीपी नगर में भी सोना चोरी कर बंगाली नौकर के फरार होने की कई घटनाएं हुई, लेकिन पुलिस उसके बाद भी हाथ पर हाथ रखे बैठी रही।

पुलिस की इस कार्यशैली पर सराफा व्यापारियों ने चिंता जताई है। पुलिस चाह कर भी इन शातिर बंगाली कारीगरों को तलाश करने में कोई जहमत नहीं उठाती। बल्कि जांच के आश्वासन के नाम पर पीड़ित सर्राफ व्यापारियों को झूठी दिलासा देने में लगी रहती है। जिसको लेकर सराफा व्यापारियों ने पुलिस पर गंभीर सवाल उठाये हैं। बंगाली कारीगरों ने कुछ महीनों में आधा दर्जन से ज्यादा घटनाओं को अंजाम दिया।
ये है प्रमुख घटनाएं
- 26 नवम्बर को देहली गेट क्षेत्र ईश्वरपुरी निवासी हीरा लाल नन्दी पुत्र गोपाल नन्दी आर्डर पर ज्वैलरी बनाने का काम करते हैं। उन्हें सराफा व्यापारी से सोने का हार बनाने का आर्डर मिला। उन्होंने अपने बंगाली कारीगर शुभ साहू पुत्र युधिष्ठिंर निवासी ग्राम हयातपुर दरगई पाड़ा जिला हुगली को 150 ग्राम सोना दिया था, लेकिन वह उनका सोना लेकर फरार हो गया। 26 नवम्बर से उसका फोन बंद है। थाना देहली गेट पुलिस को तहरीर दी है।
- 16 जुलाई को शशांक अग्रवाल वैली बाजार निवासी दुकान नंबर-86 ने बंगाली कारीगर कार्तिक धारा को 800 ग्राम सोना ज्वैलरी बनाने के लिए दिया था, लेकिन वह उसके बाद फरार हो गया। देहली गेट थाने में तहरीर दी।
- 16 जुलाई को सर्राफ व्यापारी संजय वर्मा निवासी देहली गेट क्षेत्र तेली मार्केट ने बंगाली कारीगर संदीप बोरा 400 ग्राम सोना जेवरात बनाने के लिए दिया था। आज तक गिरफ्तारी पुलिस ने नहीं की।
- 23 जुलाई को सर्राफ सुनील मंडल निवासी मालवीय नगर चौक शीश महल निवासी कोतवाली ने अपने कारीगर सुबोध दास को 150 ग्राम सोना दिया था। वह सोना लेकर फरार हो गया। अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
- 6 अक्टूबर को मुकुन्दी वाली गली कागजी बाजार दुकान नंबर-6 निवासी विनोद कुमार वर्मा ने अपने नौकर यश रस्तौगी पुत्र अनुज रस्तौगी निवासी मास्टर कालोनी ब्रहमपुरी को डेढ़ किलो चांदी व सोना दिया था। उसने बताया कि उससे दो लोग सोना और चांदी लेकर फरार हो गये।
- 7 अक्टूबर को बादशा मौल्ला पुत्र सलीम मौल्ला निवासी छत्ता अनंतराम गुदड़ी बाजार कोतवाली ने सात अक्टूबर को दीपक, दीपक ज्वैलर्स बाला जी मार्केट कोतवाली को 145 मिलीग्राम सोना दिया था। 10 अक्टूबर को 47 ग्राम सोना वापस मांगा मो दीपक ने मना कर दिया। उसने दस लाख कीमत का सोना हड़प लिया।
- 28 अक्टूबर को परमेश्वर जाधव पुत्र परमेश्वर जाधव कागजी बाजार देहली गेट प्रार्थी ने 650 ग्राम सोना बंगाली कारीगर संदीप मौरी पुत्र कृष्णा मौरी निवासी ग्राम काकनान थाना खानाकूल जिला हुगली पश्चिमी बंगाल को जेवरात बनाने के लिए दिया था। सोना लेकर फरार हो गया। पुलिस आज तक उसे नहीं खोज पाई।
- मई माह में टीपी नगर गुरु नानक नगर निवासी ज्वैलर्स का एक नौकर दिल्ली से सवा करोड़ कीमत का सोना लेकर आ रहा था। उसने अपने साथियों के साथ करोड़ का सोना गायब कर दिया। पुलिस आज तक आरोपी को गिरफ्तार करना तो दूर एक ग्राम सोना भी बरामद नहीं कर पाई।

