Saturday, April 25, 2026
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45 दिन में 10 लाख पौध तैयार कर सकेंगी दो हाईटेक नर्सरी

  • कृषि विवि और मछरी में दो करोड़ 18 लाख की लागत से निर्मित हुई हैं दोनों पौधशाला
  • मात्र एक रुपया प्रति पौध की दर से स्वयं सहायता समूह के जरिये कराया जाएगा काम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जनपद में दो करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से हाइब्रिड प्रजाति की साग-भाजी की पौध उपलब्ध कराने के लिए दो हाईटेक नर्सरी बनकर तैयार हो गई हैं। इन नर्सरियों में 45 दिन की अवधि में एक साथ 10 लाख पौध तैयार करने की क्षमता है। आगामी जायद की फसल तक इनमें स्वयं सहायता समूह के माध्यम से पौध तैयार करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उद्यान विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए बीते मार्च माह के दौरान डीएम से स्वीकृति मिलने के बाद एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे।

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शासन स्तर से अधिकृत संबंधित संस्था के माध्यम से सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और राजकीय औद्योगिक क्षेत्र मछरी में हाईटेक नर्सरी की स्थापना का कार्य कराया गया है। एक एकड़ भूमि बनाई गई एक नर्सरी की लागत एक करोड़ नौ लाख रुपये आई है। दोनों स्थानों पर बनने वाली नर्सरियों में दो करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से बनने वालीं हाइटेक नर्सरियों में ग्रीन नेट हाउस, पोली हाउस, होर्डनिंग चेम्बर आदि तैयार किए जाने का काम पूर्ण हो चुका है।

मौसम से सुरक्षित रहेंगी पौध

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार किसान अपने स्तर से जब पौध तैयार करता है, तो उसमें 20 से 30 प्रतिशत तक पौध खराब हो जाती हैं। इसके अलावा मौसम के प्रभाव से उनके विकास में अंतर भी रहता है। जबकि हाइटेक नर्सरी के माध्यम से बनने वाली पौध में शत-प्रतिशत पौध स्वस्थ रूप में तैयार हो जाती है। हाइटेक नर्सरी में स्वयं सहायता समूह के जरिये एक रुपया प्रति पौध तैयार किया जाता है। इसमें 80 पैसे समूह और 20 पैसे संबंधित विभाग को दिए जाने का प्रावधान है। एक हाइटेक नर्सरी पर 45 दिन में एक साथ पांच लाख पौध तैयार करने की क्षमता है।

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