Friday, May 1, 2026
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पेरिस ओलंपिक में रंग जमाएंगे भारतीय पहलवान

  • भारतीय कुश्ती फेडरेशन की एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष भूपेद्र सिंह बाजवा ने जताई उम्मीद, कहा-बेहतर तरीके से हो रही मल्लों की तैयारियां
  • पेरिस ओलंपिक में कुश्ती खिलाड़ियों को तैयार करने को लेकर पदाधिकारियों की बैठक में शामिल हुये अर्जुन अवार्डी हॉकी खिलाड़ी एमएम सौमाया और मंजूषा कंवर भी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बागपत बाइपास स्थित पांच सितारा गॉडविन होटल में कुश्ती संघ के पदाधिकारियों की सोमवार को अहम् बैठक हुई। इस दौरान पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बैठक के दौरान भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह बाजवा ने उच्चस्तरीय समिति के साथ हुई वर्चुअल मीटिंग में विचार रखते हुये कहा कि पेरिस ओलंपिक में हमारे खिलाड़ी पूरे दमखम के साथ उतरकर बेहतर प्रर्दशन करेंगे। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि सोने के तमगे ये कुश्ती खिलाड़ी हासिल कर देश की शान बढ़ायेंगे।

इसके लिये उन्हें बीते वर्षों के मुकाबले इस बार काफी अधिक मेहनत अपने खिलाड़ियों पर करनी होगी। इस दौरान मीटिंग में मौजूद पदाधिकारी जाने-माने हॉकी खिलाड़ी अर्जुन अवार्डी एमएम सौमाया ने बताया कि कुश्ती खिलाड़ियों की फिटनेस और स्टेमिना पर काम किया जाने पर हमारा जोर है। साथ ही अभ्यास के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर तकनीक का बार-बार अभ्यास कराने पर फोकस रहेगा, जिससे कि वह बाउट के दौरान अपने प्रतिद्वंदी पर भारी पड़ सके।

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भारतीय कुश्ती फेडरेशन की एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह बाजवा ने कहा कि हमारे खिलाड़ी दमखम के मामले में बाकी देशों के खिलाड़ियों के मुकाबले अव्वल है, बाकी का काम बेहतर तकनीक से पूरा होगा। देश को सोने के तमगों से सुसज्जित करने को हमारे खिलाड़ी पूरी तरह आतुर दिखाई दे रहे हैं और ऐसे में उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करना हमारी बड़ी प्राथमिकता है। पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और संघ पदाधिकारी मंजूषा कंवर और तेजिन्दर सिंह मीटिंग में मौजूद रहे।

हॉकी के भविष्य को लेकर आश्वस्त दिखे एमएम सौमाया

पूर्व ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी अर्जुन अवार्डी एमएम सौमाया से जब हॉकी के भविष्य को लेकर बात की गयी तो वह इसके लेकर काफी साकारात्मक दिखाई दिये। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने सेन्टर हॉफ खिलाड़ी के तौर पर हॉकी फील्ड में योगदान दिया है। यह पोजिशन खेल में काफी अहम मानी जाती है और इसके लिये फिटनेस को बनाये रखना काफी जरूरी है। ओलंपिक खेलों में हॉकी टीम की तैयारियों पर चर्चा करते हुये कहा कि भारतीय टीम का सुनहरा इतिहास रहा है और वह इसे आगे भी दोहराने को लेकर प्रतिबद्ध है।

पेरिस ओलंपिक में जर्मनी, हॉलैंड, आॅस्टेलिया जैसी टीम से निपटने के लिये विशेष रणनीति अपनाये जाने पर उन्होंने जोर दिया और कहा कि ये वह टीमे हैं, जो दूसरे हॉफ के अंतिम क्षणों में परिणाम अपने पक्ष में बदलने की क्षमता रखती है और इन्हें गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। 1980 के मॉस्को ओलंपिक में सोने का तमगा हासिल करने वाली टीम में शामिल सौमाया ने बताया कि हॉकी खिलाड़ी अजीत पाल उनके आदर्श रहे हैं। युवा खिलाड़ियों को उन्होंने संदेश देते हुये कहा कि वह अपनी प्रतिभा के प्रति आश्वस्त रहें और निरंतर अभ्यास करते रहें। यही जीत का मूल मंत्र है।

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