Saturday, May 9, 2026
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कौन है संदेशखाली का डॉन तृणमूल कांग्रेस का नेता शाहजहां शेख?, 43 केस का आरोपी, 55 दिन से रहा फरार

जनवाणी ब्यूरो |

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले में आखिरकार मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित नेता शाहजहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हमले के बाद से फरार था। दरअसल, 5 जनवरी को राशन घोटाला केस में ईडी शाहजहां के ठिकानों पर छापेमारी करने गई थी। इस दौरान शाहजहां के समर्थकों ने अधिकारियों की टीम पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से ही वह फरार था।

इस बीच केंद्रीय एजेंसी ने फरार नेता पर शिंकजा कसने के लिए नोटिस जारी किया। उधर स्थानीय महिलाओं ने भी शाहजहां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इन महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर शोषण और जबरन जमीन कब्जाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं कई दिनों तक गिरफ्तारी न होने के कारण न्यायालय ने बंगाल पुलिस को कठघरे में खड़ा किया।

बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले से शाहजहां शेख की गिरफ्तारी कर ली है। जानकारी के अनुसार, वह मिनाखा इलाके में एक घर से छिपा हुआ था। कहा गया कि टीएमसी नेता को अल सुबह तीन बजे गिरफ्तार किया गया।

मामले की जानकारी देते हुए एडीजी (दक्षिण बंगाल) सुप्रतिम सरकार ने कहा कि शाहजहां की गिरफ्तारी 5 जनवरी को ईडी टीम पर हमले के मामले में हुई है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी ने कहा कि छह-सात फरवरी से जो मामले दर्ज किए गए हैं वो दो-तीन साल पहले हुई घटनाओं से जुड़े हैं। मामले की जांच करने में, सबूत जुटाने में समय लगेगा।

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5 जनवरी को ईडी की टीम पश्चिम बंगाल के राशन घोटाले में शाहजहां शेख के आवासों पर छापेमारी करने गई थी। इस दौरान ईडी के अधिकारियों की गाड़ियों पर पत्थरबाजी की गई। आरोप टीएमसी नेता शाहजहां शेख के समर्थकों पर लगा। इसके बाद से शाहजहां शेख फरार हो गया और समन करने के बावजूद एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ।

इधर ईडी ने घटना को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर शाहजहां के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एक अधिकारी ने जानकारी दी कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों पर हमला करने के लिए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की। इसके अलावा एजेंसी ने शाहजहां के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया था।

एक ओर जहां ईडी टीम पर हमले के बाद शाहजहां फरार हो गया तो करीब एक महीने बाद स्थानीय महिलाओं ने टीएमसी नेता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संदेशखाली में 8 फरवरी से महिलाएं शाहजहां शेख और उसके समर्थकों के खिलाफ उतर गईं।

इन महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर शोषण करने और जबरन जमीन कब्जाने जैसे कई आरोप लगाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां शेख से साथ ही टीएमसी के अन्य नेताओं उत्तम सरदार और शिबप्रसाद हाजरा पर भी इन सभी में शामिल होने के आरोप लगाए। ये दोनों नेता शाहजहां शेख के करीबी बताए जाते हैं।

9 फरवरी को तनाव तब बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां समर्थक हाजरा के स्वामित्व वाले तीन पोल्ट्री फार्मों को जला दिया। महिलाओं का दावा था कि वे स्थानीय ग्रामीणों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे।

वहीं 10 फरवरी को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को त्वरित और प्रभावी रूप से कार्रवाई करनी होगी।

महिलाओं के विरोध के बीच बंगाल राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया। 12 फरवरी को भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला और सरकार पर संदेशखाली हिंसा को लेकर गंभीर आरोप लगाया।

इसके साथ ही ही संदेशखाली की घटना बंगाल की न होकर देशभर में चर्चा का विषय बन गई। तब से लेकर अब तक राज्यपाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, फैक्ट फाइडिंग टीम ने तनावग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की।

संदेखाली मामले में भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। दूसरी ओर मामला अदालत तक भी पहुंच गया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेखाली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख की गिरफ्तारी न होने पर हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं पता कि आरोपी की सुरक्षा की जा रही है या नहीं, लेकिन ये आश्चर्य की बात है कि अब तक पश्चिम बंगाल की पुलिस आरोपी को गिरफ्तार ही नहीं कर पाई है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अगर एक व्यक्ति पूरी आबादी को बंधक बना सकता है तो ऐसे व्यक्ति को सरकार द्वारा प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। यह टिप्पणी राज्य सरकार द्वारा एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली एक अपील की सुनवाई के दौरान की गई थी। अदालत ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि जिस व्यक्ति को इस समस्या का मूल कारण बताया जा रहा है, उसे अभी भी पकड़ा नहीं जा सका है।

इसके बाद 26 फरवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेशखाली मामले पर मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि संदेशखाली मामले में शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है और उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, ‘एफआईआर में भी बतौर आरोपी शाहजहां शेख का नाम है। ऐसे में उसे गिरफ्तार करने की जरूरत है।’ कोर्ट ने कहा कि शाहजहां को बंगाल पुलिस के साथ-साथ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकते हैं।

अदालत की लगातार कड़ी फटकार के बीच आखिरकार गुरुवार को बंगाल पुलिस ने शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की। इसके साथ ही टीएमसी नेता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में तत्काल सुनवाई की मांग की जिसे अदालत से अनुमति नहीं मिली।

शाहजहां के वकील गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अगुवाई वाली पीठ के सामने पेश हुए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा वकील से बताया कि शाहजाहां के खिलाफ लगभग 43 मामले हैं। वहीं, वकील ने पीठ से उनके मामले की सुनवाई करने का आग्रह किया। हालांकि, न्यायालय ने संकेत दिया कि वह आज इस मामले की सुनवाई के लिए इच्छुक नहीं है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘सोमवार को आएं। हमें उस व्यक्ति (शाहजहां) के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है।’

संदेशखाली हिंसा के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को गुरुवार को गिरफ्तारी के बाद उसे बशीरहाट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने शाहजहां को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। 4 मार्च को कलकत्ता हाईकोर्ट शाहजाहां के मामले की सुनवाई करेगी।

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