जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। विधायक तापस रॉय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने संदेशखाली मुद्दे से निपटने के तरीके पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने इसी दौरान लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ने के संकेत भी दिए थे।
#WATCH | Kolkata: Tapas Roy says, "I resigned because I felt that I am not respected in this party, many times such situations arose where I felt this. The ED team reached my house on January 12th, it has been many days since the incident took place but no sympathy or cooperation… https://t.co/aFZV55vKnn pic.twitter.com/bP24wsPjXW
— ANI (@ANI) March 4, 2024
विधानसभा में टीएमसी के डिप्टी चीफ ऑफ व्हिप ने पार्टी की आलोचना भी की। उन्होंने बताया कि जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब उनके आवास पर छापेमारी की, तब पार्टी उनके साथ नहीं थी। तापस रॉय ने कहा, “पार्टी की कार्यप्रणाली से निराश हूं। मैं पार्टी और सरकार के खिलाफ लगे इतने सारे भ्रष्टाचार के आरोपों से तंग आ गया था। दूसरी बात ये कि जिस तरह से संदेशखाली मुद्दे को संभाला गया, मैं उसका समर्थन नहीं करता हूं।”
#WATCH | Kolkata: Tapas Roy says, "TMC is not for me… Wherever I see, there is corruption in this party, it is not right that someone else commits a crime and the rest get punished. I have been facing many kinds of conflicts and I did not go to the Assembly for a long time. I… pic.twitter.com/bDhieGlmTS
— ANI (@ANI) March 4, 2024
टीएमसी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष और ब्रत्य बसु उन्हें मनाने के लिए आज सुबह उनके आवास पर पहुंचे। उनका उत्तरी कोलकाता के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय से विवाद भी चल रहा था। तापस रॉय ने कहा, “मैं पिछले 25 वर्षों से पार्टी का एक ईमानदार नेता रहा हूं, लेकिन मुझे मेरा हक कभी नहीं मिला।” इस्तीफा के बाद जब उनसे भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने फिलहाल इसपर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

