जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: वेस्ट यूपी की सबसे हॉट सीट मेरठ में अभी तक भाजपा ने नाम फाइनल नहीं किए हैं। साथ ही दिल्ली एनसीआर से सटे जिला गाजियाबाद पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। उधर, सहारनपुर सीट भी खाली होने से दावेदारों की नींद हराम हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि भाजपा अपने लक्ष्य 400 के पार को लेकर काफी संवेदनशील है। इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेकर रिस्क उठाने के मूड में बिल्कुल भी नहीं है।
चर्चा है कि हमेशा की तरह भाजपा उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर चौंकाने वाले प्रत्याशी उतार कर हैरत में डाल सकती है। सोमवार को भाजपा कोर कमेटी की बैठक में यूपी के ऐसी 35 सीटों पर गंभीर मंथन हुआ जिनपर प्रत्याशी बदले जा सकते हैं।
सूत्रों के हवाले खबर मिली है कि मेरठ सीट पर अभिनेता अरुण गोविल, कुमार विश्वास और कैंट विधायक अमित अग्रवाल और गाजियाबाद सीट पर मौजूदा सांसद जनरल वीके सिंह के साथ ही अनिल अग्रवाल या अनिल जैन के नाम पर भी चर्चा हुई। सहारनपुर सीट पर पूर्व मंत्री सुरेश राणा और राघव लखन पाल के नाम पर चर्चा की गई।
बाराबंकी सीट पर मौजूदा सांसद उपेन्द्र रावत के स्थान पर पूर्व नौकरशाह राम बहादुर और पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शशांक कुशमेश को चुनाव लड़ाया जा सकता है। तो वहीं रायबरेली से सपा विधायक मनोज पाण्डेय और कैसरगंज से बृजभूषण सिंह की पत्नी केतकी देवी सिंह या लड़के करण भूषण सिंह मैदान में उतारे जा सकते हैं।
कानपुर सीट से मौजूदा सांसद सत्यदेव पचौरी की बेटी नीतू सिंह और सतीश महाना के नाम पर विचार किया गया और मैनपुरी सीट पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को लड़ाने पर रायशुमारी की गई। देवरिया से मौजूदा सांसद रमापति राम त्रिपाठी को दोबारा मौका देने पर तो बलिया सीट से नीरज शेखर या आनन्द स्वरूप शुक्ला के नाम पर विचार किया गया। प्रयागराज से पूर्व नौकरशाह संजय मिश्रा और अभिलाषा नंदी तो गाजीपुर से मनोज सिन्हा के बेटे अभिनव सिन्हा के नाम पर चर्चा हुई।

