- पहले 20 सीटों पर और अब सिर्फ दो सीटों पर चुनाव लड़ने की चर्चा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आखिर ऐसा क्या हुआ कि पहले यूपी की 20 से 22 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाली आॅल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिीमीन ने अपने कदम पीछे खींच लिए। अब चर्चा यह है कि ओवैसी की पार्टी यूपी में 20-22 नहीं सिर्फ एक या दो सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी और यह भी अभी तक फाइनल नहीं हुआ है। दो दिन पूर्व ही लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी ने लोकसभा चुनावों के लिए अपना दल से गठबंधन किया है।
इस गठबंधन में अभी कुछ और छोटे दलों के जुड़ने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है, लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार एआईएमआईएम ने यूपी से हाथ क्यों खींचे। हालांकि यह सवाल यूपी एआईएमआईएम नेताओं के हलक के नीचे भी नहीं उतर रहा। दरअसल, यूपी में एआईएमआईएम के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस बार जोर शोर से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी की वर्तमान स्ट्रेटजी के चलते सभी निराश व हताश से दिख रहे हैं। यही हाल मेरठ एआईएमआईएम के नेताओं का है।
हालांकि मेरठ में पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि यूपी में जिन एक-दो सीटों पर पार्टी के चुनाव लड़ने की चर्चा है उसमें मेरठ भी अवश्यक रूप से शामिल होगी, क्योंकि पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनावों में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। यहां पार्टी के जहां 11 पार्षद चुनाव जीते थे। वहीं, मेयर के चुनावों में पार्टी प्रत्याशी अनस कुरैशी को सवा लाख से ज्यादा वोट मिले थे और वो दूसरे नम्बर पर रहे थे।
मेरठ में पार्टी की जिला इकाई से लेकर महानगर इकाई अभी तक भी मजबूती के साथ चुनावी ताल ठोंके हुए है। जिलाध्यक्ष चौधरी फहीम एडवोकेट से लेकर महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी तक चुनावी तैयारियों को लेकर सजग हैं और वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। उधर, पार्षद व मीडिया प्रभारी फजल करीम भी चाहते हैं कि जब मेरठ की आवाम ने स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी का इतना साथ दिया तब इसका लाभ पार्टी को लोकसभा चुनावों में भी उठाना चाहिए।
मेरठ में पार्टी प्रत्याशी के नाम पर सबकी निगाह
मेयर चुनावों में पार्टी की मजबूत स्थिति को देखते हुए विरोधी दलों की निगाह भी एआईएमआईएम प्रत्याशी के नाम पर लगी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यदि हाईकमान मेरठ सीट पर चुनाव लड़ने के लिए हरी झंडी देता है तो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. मेहताब चौहान से लेकर जिलाध्यक्ष फहीम चौधरी, महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी का नाम चर्चाओं में है। पार्टी के मेयर प्रत्याशी रहे अनस कुरैशी फिलहाल उमरा यात्रा पर सऊदी अरब हैं, लेकिन यदि चुनाव लड़ने की बात आई तो उनका नाम भी लाइन में है। इसके अलावा बदर अली एवं एक बड़े दलित नेता का नाम भी सुर्खियों में है। हालांकि विवादास्पद नाम होने के कारण अब बदर अली के नाम से पार्टी कन्नी काट रही है।

