- घटना को लेकर शासन सख्त, प्रशासन ने भेजी थी रिपोर्ट
- जांच को डीआईजी फिर पहुंचे कारागार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिला कारागार में कैदी हत्याकांड में शासन की गाज डिप्टी जेलर राकेश वर्मा पर पड़ी है। मंगलवार को उनके सस्पेंड किए जाने के आदेश लखनऊ से यहां पहुंचे तो महकमे में हड़कंप मच गया। शासन इस मामले में बेहद सख्त है। माना जा रहा है कि कुछ और पर भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, दूसरी ओर इस मामले में माना जा रहा है कि जेल में बंद एक कैदी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
पता चला जिस कैदी पर मुकदमे की बात सुनने में आ रही है, पुलिस जांच में उसकी गतिविधि पहले ही संदिग्ध नजर आयी थी। दरअसल, इस मामले में जांच की शुरुआत मेडिकल पुलिस से हुई थी। उसके बाद डीआईजी जेल व मजिस्ट्रेट की जांच शुरू की गयी।
ये थी घटना
विगत 13 अप्रैल को जिला कारागार में बंद एसिड अटैक के आरोपी रोहित निवासी गगोल परतापुर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी। हत्या के इस मामले में डीआईजी जेल सुभाष चंद शाक्य ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल स्टाफ के चार को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही जांच के आदेश दिए थे। शासन ने डीआईजी को अलग से जांच के आदेश दिए थे। इसके अलावा जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे।
डिप्टी जेलर राकेश वर्मा पर गाज का कारण कारागार की तनहा बैरक में दूसरे कैदी को शिफ्ट किए जाने पर पड़ी मानी जा रही है। रोहित हत्याकांड के बाद लगातार यह सवाल पूछा जा रहा था कि किस के आदेश पर रोहित की बैरक में देवी ऊर्फ देव को शिफ्ट किया गया, जबकि वह डबल मर्डर का आरोपी है। उस पर अपने माता पिता की हत्या का आरोप है।
देवी सिंह साल 2021 से जिला कारागार में बंद है। रोहटा के डालमपुर के रहने वाले देवी सिंह पर अपने माता-पिता की हत्या का आरोप है। यदि देवी सिंह वाकई इतना खतरनाक हत्यारा है तो फिर उसको दूसरे कैदी के साथ क्यों रखा गया। इसके आदेश से रखा गया। ये तमाम सवाल तीनों जांच का हिस्सा बना हुआ है।
पुलिस को मजिस्ट्रेटी जांच का इंतजार
परतापुर के गगोल निवासी रोहित की जेल में हत्या की यूं तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन जानकारों का कहना है कि पुलिस इस इस मामले में प्रशासन के आदेश पर की जाने वाले मजिस्ट्रेटी जांच का इंतजार करेगी। प्रशासन के साथ ही डीआईजी जेल सुभाष चंद शाक्य भी मामले की जांच करेंगे। माना जा रहा है कि ये दोनों जांच सोमवार को शुरू हो जाएंगी।
कौन था रोहित ?
जिस रोहित नाम के कैदी की हत्या कारागार में की गयी। उस पर एक महिला टीचर पर एसिड अटैक का आरोप है। केवल रोहित ही नहीं बल्कि एसिड अटैक करने के आरोप में शताब्दी नगर का एक स्कूुल संचालक जिसमें वह नौकरी करती थी वह और उसके अलावा चार अन्य भी आरोपी बनाए गए थे। ये लंबे अरसे तक जेल में रहे। बाद में हाईकोर्ट से उन्हें बेल मिल गयी। इसके खिलाफ पीड़िता सुप्रीम कोर्ट चली गयीं। सुप्रीम कोर्ट ने रोहित समेत सभी आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। विगत नौ अप्रैल को सभी आरोपी पेश होकर जेल चले गए थे।

