Friday, March 20, 2026
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19 मई तक ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक, यात्रियों का हंगामा

जनवाणी ब्यूरो |

ऋषिकेश: चार धाम यात्रा में उम्मीद से अधिक श्रद्धालु प्रथम सप्ताह में ही पहुंच गए हैं। शासन प्रशासन को व्यवस्था बनाने में पसीने छूट रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं यात्रा की मानीटरिंग कर रहे हैं। पिछले मंगलवार से ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगाई गई थी। हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। जिसको देखते हुए यात्रा प्रशासन संगठन की ओर से 19 मई रविवार तक ऑफलाइन पंजीकरण बंद रखा गया है।

सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट के सहारे अपनी यात्रा संपन्न करने वाले श्रद्धालुओं पर यह व्यवस्था भारी पड़ रही है। बड़ी संख्या में यात्रा ट्रांजिट कैंप और नगर की धर्मशाला में यात्री फंसे हुए हैं। कई श्रद्धालुओं का सब्र जवाब दे चुका है। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के वाहन बुकिंग के बावजूद खड़े हैं।

ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं ने जल्दी यात्रा पर भेजे जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम देहरादून सोनिक ने यहां पहुंच कर अधिकारियों और यात्रियों से बातचीत की।

इस वर्ष चारों धाम के कपाट खुलने के बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए जा रहे हैं। अब तक सभी धामों में 16 मई शाम तक 401010 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल बीते गुरुवार को यहां आकर हालात का जायजा ले चुके हैं।

कमिश्नर ने हालांकि शुक्रवार तक के लिए आफलाइन पंजीकरण पर रोक लगाने की बात कही थी। स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है, जिस कारण यात्रा प्रशासन संगठन की ओर से 19 मई तक आफलाइन फलाइन पंजीकरण पर रोक जारी रखी गई है।

आफलाइन पंजीकरण न होने से पिछले एक सप्ताह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऋषिकेश में फंसे हुए हैं। हालांकि प्रशासन के द्वारा इनके लिए भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है, लेकिन अपने-अपने राज्यों से 10 दिन की यात्रा के हिसाब से बजट लेकर चलने वाले इन यात्रियों का इतने दिन तक यहां रुकने से बजट बिगड़ गया है।

शुक्रवार को संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति से जुड़े मोटर मालिकों का गुस्सा साथ में आसमान पर पहुंच गया। यात्रा पर जाने से रोके गए श्रद्धालुओं कभी सब्र जवाब दे गया। सभी ने यात्रा ट्रांजिट कैंप में जमकर हंगामा कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि अपर आयुक्त युक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने इन्हें समझाने की कोशिश की मगर यह लोग नहीं माने।

डीएम देहरादून सोनिका हालात को संभालने के लिए दोपहर बाद यहां पहुंची। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत की और उन्हें सरकार और प्रशासन की ओर से किया जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

यात्रियों के लिए वेडिंग पाइंट खोलें

डीएम देहरादून सोनिका ने श्रद्धालुओं से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में कहां की यहां पर प्रशासन की ओर से जो भी व्यवस्था की गई है उनको लेकर श्रद्धालुओं की कोई नाराजगी नहीं है। यात्रियों के लिए ट्रांजिट कैंप ही नहीं बल्कि आसपास की धर्मशाला के अतिरिक्त अब वेडिंग पाइंट भी खुलवा दिए गए हैं।

दो समय का भोजन, सुबह की चाय आदि तमाम व्यवस्थाएं निशुल्क की गई है। यहां रुकने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी 19 मई तक आफलाइन रजिस्ट्रेशन रोका गया है। जैसे ही स्थिति सामान्य होती है तो यह पंजीकरण फिर से खोल दिया जाएगा।

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