Saturday, March 7, 2026
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मतगणना के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर मंथन में जुटी पुलिस

  • सुरक्षा प्लान के ब्लू प्रिंट को दिया जा रहा फाइनल टच
  • मोबाइल, लेपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवॉइस नहीं ले जा पाएंगे भीतर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के लिए पुलिस के आला अफसर मतगणना के दौरान कि जाने वाले सुरक्षा इंतजामों के मंथन में जुट गए हैं। सुरक्षा प्लान का ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया है। सोमवार को इसको फाइनल टच दे दिया जाएगा और साथ ही लागू भी कर दिया जाएगा। हालांकि मतगणना शुरू होने पर अभी एक पखवाडे का वक्त बाकि है। दरअसल, मेरठ में मतदान के रूझान को लेकर जो कुछ सोशल मीडिया पर चल रहा है उसको लेकर पुलिस महकमा भी बेखबर नहीं। माना जा रहा है कि दोनों ही पक्ष मतदान के दौरान पूरा दमखम दिखाएंगे।

वहीं दूसरी ओर बताया गया है कि मतगणना के लिए ट्रिपल लेयर सिक्योरिटी होगी। चार जून को मतगणना स्थल पर भीड़ की अनुमति बिलकुल नहीं रहेगी। उल्लेखनीय है कि मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट की मतगणना सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि यूनिवर्सिटी में संपन्न होगी। इसके लिए मजबूत सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। मतगणना के चलते चार जून को यहां भीड़भाड़ अधिक रहेगी। ऐसे में व्यवस्था प्रभावित न हो, इसको ध्यान में रखते हुए प्लान बनाया है। सघन चेकिंग के बाद ही प्रवेश मिलेगा,

जिनके पास प्रशासन की ओर से जारी किसी भी तरह का पास होगा वही भीतर जा पाएंगे। इनमें प्रत्याशियों के अलावा एजेंट, मीडिया, राजनीतिक दल व सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही बांयी ओर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सेकंड घेरे में भी चेकिंग से गुजरना होगा। यहां मौजूद पुलिसकर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी के पास कोई मोबाइल, लेपटॉप अथवा कोई अन्य इलेक्ट्रोनिक डिवाइज तो नहीं है। आई कार्ड सभी के लिए जरूरी किया गया है।

…ताकि साइबर बदमाशों से रहे आप सलामत

मेरठ: साइबर अपराध के तेजी से बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर पुलिस ने अब साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ लोगों जागरूक करने का भी अभियान शुरू किया है। शिकायत लेकर जो पुलिस कार्यालय व थाने पर आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। बीते तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल इन मामलों में 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। ज्यादातर ऐसे मामले हैं जिनमें ठगी का शिकार होने वाला पुलिस के पास तब पहुंचता है। जब उसके विकल्प पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं।

इससे जो रिकवरी होनी चाहिए वो नहीं हो पाती है। एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि इसको लेकर और मामले बढ़ते चले गये। ऐसे हालातों को देखते हुए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल-कॉलेजों में लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है। हर रोज काफी संख्या में पुलिस कार्यालय व साइबर थाना में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंच रहे हैं। प्रत्येक फरियादी व उसके साथ आने वाले व्यक्ति को एक पम्पलेट दिया जा रहा है। अगर ठगी होने पर तत्काल 1930 डायल कर जानकारी दें तो बचाव की संभावना बढ़ जाती है।

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