- नगर निगम के होर्डिंग्स के खेल में अधिकारियों की खुली स्पोर्ट
- हर बार अलग नाम से एक ही कंपनी के नाम छोड़ा जा रहा ठेका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लापरवाही की इससे बड़ी इंतहा और क्या होगी कि जनता को दिखाने के लिए किसी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किये जाने का खेल किया जाये। लेकिन वास्तव में उस कंपनी पर खुली मेहरबानी चलती रहे। होर्डिंग्स के खेल में नगर निगम के अधिकारियों की खुली शह मिली तो ठेकेदार ने खुलकर पूरे ही शहर को होर्डिंग्स और यूनिपोल से पाट दिया है। बड़ी लापरवाही की बात तो यह है कि हर बार अलग नाम से लेकिन एक ही कंपनी के नाम ठेका छोड़ दिया जाता है।
नगर निगम का होर्डिंग्स का खेल लंबे समय से चल रहा है और इसका मुख्य सूत्रधार एक ऐसे ठेकेदार को जाता है। जो दबंगता के साथ अधिकारियों पर अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करके दबाव बनाता रहा। फिर हर बार इसी ठेकेदार के नाम ठेका छूटता रहा। इस होर्डिंग्स ठेकेदार के आगे नगर निगम के अधिकारी न तो विरोध कर सके और न ही वह किसी दूसरे के नाम ठेका छोड़ सके।
हादसों को दे रहे हैं बुलावा
पूरे महानगर सीमा में आधे से ज्यादा यूनिपोल और होर्डिंग्स जर्जर हालत में होने की वजह से हादसों को दावत दे रहे हैं। कचहरी पुल के पास तो नाले के अंदर बड़ा होर्डिंग्स लगा दिया गया है। अब यह होर्डिंग्स गंदगी फैलने की बड़ी वजह बन रहा है। इस होर्डिंग्स से अड़कर कूड़ा नहीं निकल पा रहा है। यह होर्डिंग्स गंदे पानी में होने की वजह से गलने का भी अंदेशा है। इसी तरह बेगम पुल से लेकर कचहरी पुल तक पूरे ही नाले का पाटकर यूनिपोल और होर्डिंग्स लगा दिये गये हैं। होर्डिंग्स ठेकेदार के आगे नगर निगम के अधिकारी बेबस दिखाई दे रहे हैं।
दिखावे के लिए लगाया जाता है जुर्माना
जब जनता ज्यादा हो हल्ला करती है तो नगर निगम के अधिकारी कार्रवाई का खेल करने में लग जाते हैं। शहर में अवैध रूप से होर्डिंग्स लगाने पर होर्डिंग्स कंपनी प्रोपराइटर ओके मीडिया पर 9 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। इससे पहले सप्ताह भर पूर्व चार अन्य कंपनियों पर भी 52 लाख 80 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इन कार्रवाई के बाद भी अब तक अवैध तरीके से लगे होर्डिंग्स न तो कंपनी संचालकों ने हटाए और न ही नगर निगम ने कोई कार्रवाई की है।

