- इसका सबसे ज्यादा शिकार फ्रीज व एयरकंडीशन हो रहे
- पिछले 24 घंटे के दौरान बिजली कटौती की स्थिति में जरूर सुधार हुआ
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बिजली की लो वोल्टेज की समस्या लोगों की मुसीबत बनी हुई है। वोल्टेज के ऊपर नीचे होने की वजह से घरेलू बिजली उपकरण फुंक रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा शिकार फ्रीज व एयरकंडीशन हो रहे हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान बिजली कटौती की स्थिति में जरूर सुधार हुआ है। उससे लोगों ने राहत की भी सांस ली है, लेकिन लो वोल्टेज की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
सदर के बॉम्बे बाजार हनुमान चौक पर बिजली उपकरणों की मरम्मत करने वाले एक कारीगर ने बताया कि फुंके उपकरण जितने इस साल रिपेयरिंग के लिए आए हैं उतने पहले कभी नहीं आए। इसकी वजह बिजली की सप्लाई में फ्लेक्चुएशन का ज्यादा होना मुख्य वजह है। जब तक वोल्टेज सामान्य नहीं आएंगे, तब तक बेहतर तो यही है कि फ्रीज व एयरकंडीशन जैसे महंगे उपकरण ना चलाए जाएं।
हमारी भी सुनो सरकार
निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति परिवार के अध्यक्ष ठाकुर भूपेन्द्र सिंह तोमर ने एमडी से मांग की है कि संविदा कर्मचारियों को हादसे के उपरांत दी जाने वाली मुआवजे की राशि को बढ़ाया जाए। भूपेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पीवीवीएनएल की तमाम योजनाओं को पूरा करने के लिए संविदा कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर 24 घंटे काम कर रहे हैं। आए दिन वो हादसों का भी शिकार हो रहे हैं। कई संविदा कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मौत भी हो गयी।
उनके परिवार उजड़ रहे हैं। डयूटी के दौरान जिनकी मौत हो जाती है। उनका परिवार महज साढेÞ साल लाख के मुआवजे में भला कैसे गुजारा कर सकता है। उन्होंने मांग की है कि संविदा कर्मचारियों को या तो जल्द नियमित किया जाए या हड़ताल झेलने के लिए और 2027 में वोट नही देने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार तैयार रहे।
तोड़ दी ट्रांसफार्मर की प्लिन्थ
मवाना क्षेत्र में मोहल्ला तिहाई में अशोक की लाट के पास रखे 400 केवीए के ट्रांसफार्मर की 16 फीट की प्लिन्थ को तोड़कर मात्र 4 फीट कर दिया गया और सुरक्षा कारणों से जरूरी लोहे के जाल को भी हटा दिया गया। मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता नरेश शर्मा ने एमडी ईशा दुहन से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कि जिस मकान के सामने से ट्रांसफार्मर रखा था उसके मकान मालिक ने जेई लोकेश कुमार को इस काम के लिए अच्छी खासी रकम दी है। क्योंकि वह मकान बेच रहा है
और ट्रांसफार्मर की वजह से मकान का फ्रंट बहुत कम हो गया था। मकान की कीमत कम लग रही थी, इसलिए जेई द्वारा ट्रांसफार्मर की चौकी तोड़ दी गई और लोहे का जाल भी हटा दिया गया। उन्होंने आशंका जतायी कि इसकी वजह से विद्युत दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। पूरे मोहल्ले में प्लिन्थ तोड़े जाने की बात चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने एमडी से कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
आरटीआई एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल
आरटीआई एक्टिविस्ट सचिन गुप्ता ने अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय परीक्षण खंड 33/11 के वी उपखंड अधिकारी बेगमपुल को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिन पहले विद्युत नगरीय परीक्षण शाला प्रथम घंटाघर के जेएमटी की रिश्वत मामले को लेकर जांच की गई। जेएमटी अशोक कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया था।
वहीं, दूसरी ओर अधिशासी अभियंता नगरीय परीक्षण खंड 33/11 के वी बेगम पुल मेरठ ने जांच में फिर झोल किया और निलंबित होने के बाद एक लेब के जेएमटी को दूसरे लेब में अटैच कर दिया जो निगम नियमानुसार गलत ही नहीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है, जिसको लेकर अधिशासी अभियंता टेस्ट बेगम पुल से जवाब मांगा गया।

